- ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को गंभीर चिंता बताया
- नंदीग्राम उपचुनाव में टीएमसी की उम्मीदवार ने नामांकन वापस लेकर कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है
- ममता ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने टीएमसी को खत्म करने के लिए धमकी दी और चुनावों को हाईजैक किया
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है. इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं और जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है. इसके साथ ही नंदीग्राम में ममता बनर्जी के उम्मीदवार ने नामांकन वापिस ले लिया है., वहीं अब ममता बनर्जी वहां कांग्रेस को समर्थन देंगी.
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि "बीजेपी ने कहा था कि वे मेरी पार्टी को खत्म कर देंगे. पहले उन्होंने शिवसेना को तोड़ा, फिर एनसीपी को तोड़ा और हमें बीजेपी के साथ आने की धमकी दी. हमने मना कर दिया और इसी वजह से उन्होंने टीएमसी के साथ ऐसा किया.
काउंटिंग एजेंट को बाहर निकाल दिया गया और सीआरपीएफ ने वोटों की गिनती की. उन्होंने एसआईआर के नाम से शुरुआत की और फिर चुनावों को हाईजैक कर लिया. बीजेपी ने एआई के जरिए वोटरों के नाम हटा दिए. बीजेपी ने बिहार, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में वोट लूटे. बीजेपी एक जुमला पार्टी है.
उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी के साथ भी ऐसा ही किया. पहले शिवसेना को तोड़ा, फिर एनसीपी को और हमें बीजेपी के साथ आने की धमकी दी. हमने मना कर दिया और इसी वजह से उन्होंने टीएमसी के साथ ऐसा किया. टीएमसी के कार्यकाल के दौरान बंगाल में 155 कमीशन आए. बीजेपी के सत्ता में आने के बाद बंगाल में 44 से ज्यादा लड़कियों के साथ रेप और टॉर्चर हुआ है. अब वे कमीशन कहां हैं?
14 हजार टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है या वे जेल का सामना कर रहे हैं. यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. पुलिस का जुल्म बहुत भयानक है. रैली करने के लिए हमें कोर्ट से इजाजत लेने की जरूरत क्यों है? ग्रासरूट्स का मतलब तृणमूल है. हम जिले से लेकर ऊपर तक पार्टी चुनाव करवाते हैं. एक नागरिक के तौर पर मुझे आजादी नहीं मिल रही है.
ईसीआई का अंतरिम आदेश गैरकानूनी है. नामांकन दाखिल होने के बाद ईसीआई ने अंतरिम आदेश क्यों जारी किया? ये गंदी चालें हैं. हम ईसीआई के सामने सिर नहीं झुकाएंगे. हम लड़ेंगे और वापसी करेंगे. उन्हें नहीं पता कि मेरे न रहने के बाद भी टीएमसी बनी रहेगी. हमने पहले ही तय कर लिया था कि नंदीग्राम में हम कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन देंगे. नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस और टीएमसी का गठबंधन होगा. राहुल गांधी ने कल मुझे फोन किया था. हम साथ हैं. हम बीजेपी के सामने घुटने नहीं टेकेंगे."
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
टीएमसी प्रमुख ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आयोग को निष्पक्ष संस्था की तरह काम करना चाहिए, लेकिन वह लोकतंत्र के मूल्यों और सिद्धांतों का पालन करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है. ममता ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है. ममता बनर्जी के इस बयान के बाद सियासी बहस और तेज हो गई है.
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