दिल्ली में हुई बारिश के बाद मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है. वहीं, राजनीतिक तापमान फिलहाल संतुलित नजर आ रहा है. गुरुवार का दिन CJP के अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस के नाम रहा. इसके बाद वे राजघाट पहुंचे, जहां INDIA गठबंधन के नेता पहले ही जा चुके थे. हालांकि गुरुवार को कोई बड़ा धरना-प्रदर्शन नहीं हुआ, लेकिन CJP ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन का आह्वान किया, जिसकी अनुमति दिल्ली पुलिस ने नहीं दी.
दुर्गा पूजा के चलते आंदोलन को विराम
INDIA गठबंधन की ओर से भी फिलहाल शांति का माहौल दिखाई दे रहा है. राहुल गांधी के आवास पर मंगलवार को हुई बैठक में दुर्गा पूजा के दौरान धरना-प्रदर्शनों को कुछ दिनों के लिए स्थगित करने पर सहमति बनी थी. हालांकि, राहुल गांधी का मानना है कि हाल के विरोध प्रदर्शनों से जो माहौल बना है, उसे कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए.
अंकिता भंडारी मामले के धरने में पहुंचे राहुल गांधी
इसी रणनीति के तहत राहुल गांधी बुधवार रात इंडिया गेट पहुंचे, जहां अंकिता भंडारी के माता-पिता न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता उनके साथ धरने में शामिल हुए. बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ समय बाद राहुल और प्रियंका वहां से चले गए. तड़के सुबह अंकिता भंडारी के माता-पिता को भी पुलिस ने वहां से हटा दिया. इसके बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने इस मुद्दे को और मुखरता से उठाने की तैयारी शुरू कर दी.
युवा कार्यकर्ताओं से की मुलाकात
गुरुवार को राहुल गांधी ने कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों के नेताओं को इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मुलाकात के लिए बुलाया. इसमें एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी शामिल हुए.
राहुल गांधी ने हालिया आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले युवा कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया. कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहे. नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जनसरोकार के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया.
अलग-अलग तरीके से मुद्दा जिंदा रखने की कोशिश
कुल मिलाकर, INDIA गठबंधन ने भले ही फिलहाल बड़े धरना-प्रदर्शनों पर विराम लगाया हो, लेकिन उसके घटक दल अपने-अपने स्तर पर इस मुद्दे को उठाते रहना चाहते हैं. राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस, बैठकों और कार्यकर्ताओं से संवाद के जरिए सक्रियता बनाए हुए हैं. वहीं, अन्य विपक्षी नेता भी अपने-अपने राज्यों में कार्यक्रमों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं.
1 नवंबर की रैली पर विपक्ष की नजर
कांग्रेस ने हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड इकाइयों को 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली के लिए भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी है. इस रैली में INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है. इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी रैलियां आयोजित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाए रखा जा सके.
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