कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'तिरंगा मार्च' से पहले दिल्ली पुलिस की एक टीम अभिजीत दीपके के घर पहुंची है. दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को एक नोटिस दिया है, जिसमें कहा गया है कि कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू है और 'तिरंगा यात्रा' के लिए कोई इजाजत नहीं ली गई है. अगर वे फिर भी कनॉट प्लेस जाते हैं तो यह धारा 163 का उल्लंघन होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दिल्ली पुलिस की एक टीम दिल्ली में एनसीपी (शरद पवार गुट) नेता अनीश गवांडे के घर पहुंची, जहां अभिजीत दीपके ठहरे हुए हैं. यहीं पर टीम ने दीपके को नोटिस दिया है.
इस नोटिस में उन्हें बताया गया है कि कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क इलाके में धारा 163 लागू है, जिसके तहत गैर-कानूनी तरीके से लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है.
क्यों न निकालें तिरंगा यात्रा?
- पुलिस का कहना है कि बिना इजाजत के सोशल मीडिया पर लोगों को 16 तारीख को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस आने को बोला है. ये दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ है.
- कनॉट प्लेस एक बिजी मार्केट है, गोल सर्कल में बना है, जिसमें एंट्री-एग्जिट के रास्ते कम हैं. एक सर्कल में भीड़ जमा हुई तो बाकी सारे जाम हो जाएंगे, भगदड़ मच सकती है, इमरजेंसी में निकलना मुश्किल हो जाएगा.
- यहां शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक, ऑफिस, रेहड़ी वाले बहुत हैं. शाम और वीकेंड पर, वो भी त्योहार के सीजन में कोई भी हंगामा सीधे व्यापारियों के पेट पर लात मारेगा. 15 लाख से ज्यादा व्यापारी और उनके कर्मचारी इसी पर निर्भर हैं.
- कनॉट प्लेस के नीचे राजीव चौक मेट्रो है, जो ब्लू और येलो लाइन का जंक्शन है और सबसे बिजी है. रोज 2 लाख लोग यहां से आते-जाते हैं.
- कनॉट प्लेस से कई बड़ी सड़कें निकलती हैं जो पूरे दिल्ली को जोड़ती हैं. यहां जाम लगेगा तो पूरी सेंट्रल दिल्ली जाम हो जाएगी. पुलिस ने अमित सैनी बनाम पुलिस कमिश्नर केस का हवाला देते हुए कहा है कि हाई कोर्ट ने इस केस में कहा था कि ऐसे जमावड़ों से आने-जाने वालों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.
- संसद भवन, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और कई दूतावास आसपास हैं. यहां से भीड़ उधर की तरफ गई तो सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकती है और पब्लिक ऑर्डर बिगड़ सकता है.
- कनॉट प्लेस में पुरानी इमारतें हैं और पतली सर्विस लेन हैं. पहले से ही फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को निकलने में दिक्कत होती है. आसपास के अस्पतालों की एंबुलेंस भी यहीं से निकलती है. बिना इजाजत की भीड़ आई तो इमरजेंसी सिस्टम पूरा फेल हो जाएगा.
- इन सब कारणों से कनॉट प्लेस में अभी BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगी हुई है. मतलब ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते. अगर इसका उल्लंघन किया तो भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 और बाकी कानूनों के तहत एक्शन होगा.
- पुलिस कह रही है कि कॉकरोच जनता पार्टी पहले भी ऐसे प्रदर्शन कर चुकी है जिसमें शांति भंग हुई है. पहले जब इजाजत मिली थी तब भी शर्तों का उल्लंघन किया. संसद मार्च के दौरान हिंसा हुई थी औ सरकारी-निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था.
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अब आगे क्या?
दिल्ली पुलिस के नोटिस पर अब तक CJP ने कोई फैसला नहीं लिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस के नोटिस पर अभिजीत दीपके वकीलों से बात कर रहे हैं और कानूनी सलाह ले रहे हैं.
दिल्ली पुलिस ने सेंट्रल पार्क और सीपी में प्रोटेस्ट पर पाबंदी लगा दी है. आसपास धारा 163 भी लागू कर दी गई है. अब दीपके कानूनी सलाह के आधार पर तय करेंगे कि आगे क्या करना है.
दो दिन के लिए सेंट्रल पार्क बंद
नई दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (NDMC) ने शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क आम जनता के लिए बंद कर दिया है. इसके पीछे 'प्रशासनिक कारणों' का हवाला दिया गया है.
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह कुछ चुनिंदा लोगों को एक उपयुक्त जगह पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने की सुविधा दे सकती है.
इसी बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अभिजीत दिपके सामने खड़े पुलिस वाले से यह पूछ रहे हैं कि 'आपने मुझ पर किस तरह का आरोप लगा दिया है?'
कांच की मेज पर कागजों का एक ढेर रखा है, जिसे दीपके देख रहे हैं और उसमें से कुछ हिस्से पढ़कर पुलिसकर्मियों के सामने सवाल उठा रहे हैं. अपने सामने बैठे पुलिसकर्मी से दीपके ने पूछा, 'आप लोगों ने यह क्या मजाक बना रखा है? इसे नोटिस कहते हैं? जो मन में आ रहा है, बस वही लिखे जा रहे हैं आप लोग.'
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