प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से कम पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल की अपील की. उन्होंने लोगों से अनावश्यक सोने की खरीद न करने को भी कहा. सीएम ने लखनऊ में अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. इस बैठक में सीएम योगी ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में 50 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया. इसके अलावा सीएम ने राज्य में वर्क फ्रॉम होम कल्चर को प्राथमिकता देने की अपील की.
CM और मंत्रियों के काफिले में 50 फीसदी की कमी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव की बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए. काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए. मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों आदि के उपयोग पर विशेष बल दिया.
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath chaired a meeting with Additional Chief Secretaries and Principal Secretaries, in Lucknow. pic.twitter.com/8T7Sfmx1Lk
— ANI (@ANI) May 12, 2026
'सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे'
मुख्यमंत्री ने वैश्विक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रदेशवासियों को जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी. प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तैयार रहना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें.

वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा
सीएम योगी ने आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए.
इसके अलावा शिक्षा विभाग के सेमिनारों, बैठकों, वर्कशॉप समेत सरकारी बैठकों का आयोजन वर्चुअली माध्यम से किया जाए. राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत बैठकें भी वर्चुअली की जाएं. स्कूल-कॉलेजों में स्कूली बस के प्रयोग को प्रोत्साहित करें. आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ा जाए. पीक ऑवर में ईंधन का उपयोग कम करने के लिए कार्यालय समय को अलग-अलग बैचों में बांटा जा सकता है.
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन, साइक्लिंग, कार पूलिंग, ईवी के प्रयोग पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है, वहां लोग इसका अधिकतम प्रयोग करें. अधिक मांग वाले मार्गों पर बस समेत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं को बढ़ाया जाए.
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