- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद ब्रिक्स समिट में शामिल होने आज भारत पहुंच गए हैं.
- शी जिनपिंग की यात्रा और उनसे जुड़ी जानकारी चीन में अत्यंत गुप्त रखी जाती है.
- शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है, जिसे सेंट्रल गार्ड ब्यूरो के विशेष बल द्वारा संभाला जाता है.
करीब 7 साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज ब्रिक्स समिट में शामिल होने भारत पहुंचे. उनका विमान दोपहर 11.41 बजे पालम एयरपोर्ट पर पहुंचा. जहां उनका केंद्रीय राज्यमंत्री जतिन प्रसाद ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. जिनपिंग के भारत दौरे पर हर किसी की नजर है. दो पड़ोसी देश, जो तेजी से वैश्विक अर्थशास्त्र में अपना दबदबा बना रहे हैं, उनका एक साथ आना अहम माना जाता है. चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होटल और फिर भारत मंडपम ले जाया जाएगा. जहां आज शाम 5.45 बजे वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे. जिनपिंग ने आज सुबह जब दिल्ली के लिए उड़ान भरी तो वहां की मीडिया ने इस बात की जानकारी तो दी, लेकिन इसकी कोई तस्वीर सामने नहीं आई.
आम तौर पर अलग-अलग देशों के राष्ट्रध्यक्ष जब किसी समिट या किसी दूसरे देश की यात्रा पर रवाना होते हैं तो उसकी तस्वीरें-वीडियो सोशल मीडिया पर साझा की जाती है. PM मोदी का ही उदाहरण ले तो वो खुद सोशल मीडिया पर तस्वीरें-वीडियो शेयर करते हैं. अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, कनाडा सहित अन्य देशों के साथ ही ऐसा ही दिखता है.
लेकिन चीन के मामले में यह सब बहुत सीक्रेट रहता है. जिनपिंग के आज के दौरे में भी यहीं दिखा. पहले भी जिनपिंग और चीन से जुड़ी बहुत कम ही डिटेल्स सामने आ पाती थी. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जुड़ी हर चीज कैसे सुपर सीक्रेट रहती है, जानिए.
चीन साम्यवादी शासन, व्यवस्थाएं बेहद गुपचुप
चीन में साम्यवादी शासन व्यवस्था है. यहां आम नागरिकों को वैसे अधिकार नहीं हैं, जैसे किसी लोकतांत्रिक मुल्कों में मिलते है. आम लोगों से लेकर टॉप लेवल पर बैठे लोगों से जुड़ी चीजें भी बेहद सीक्रेट रहती है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक ऐसी बेहद गुप्त व्यवस्था के तहत काम करते हैं. जो उनके दौरों, फैसले लेने की प्रक्रिया की जानकारी को जनता से छिपाकर रखती है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की माने तो इसमें विरोधियों की साफ-सफाई की प्रक्रिया भी शामिल रहती है.
कोई खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं
लोकतांत्रिक देशों के नेताओं के विपरीत शी जिनपिंग ने अपने पूरे कार्यकाल में आज तक एक भी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है. वे क्या सोचते हैं और उनके फैसले कैसे होते हैं, यह सब कुछ कम्युनिस्ट पार्टी की बंद दीवारों के पीछे ही तय होता है. जिनपिंग 2013 से चीन के राष्ट्रपति हैं. लेकिन अभी तक उन्होंने कभी कोई खुली प्रेस कॉफ्रेंस नहीं की.

जिनपिंग की सबसे रहस्यमयी सुरक्षा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था सबसे रहस्यमयी कही जाती है. जिनपिंग की सुरक्षा का जिम्मा सेंट्रल गार्ड ब्यूरो (CGB) के पास होती है. यह चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का हिस्सा है और सीधे जिनपिंग को रिपोर्ट करता है. कहा जाता है कि 10,000 उम्मीदवारों में से सिर्फ एक को इस विशेष बल के लिए चुना जाता है.
अंतिम समय तक माइंड गेम
जिनपिंग कहीं जाएंगे या नहीं, इसको लेकर अंतिम समय तक सीक्रेटी रखी जाती है. उदाहरण के लिए अभी ब्रिक्स समिट में ही जिनपिंग के शामिल होने की पुष्टि चीन ने आखिरी 48 घंटों में की. जानकार इसे चीन की एक सोची-समझी कूटनीतिक चाल या 'माइंड गेम' मानते हैं, जिससे वे बैठकों के एजेंडे पर अपना पलड़ा भारी रख सकें.
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