देश के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे और रणनीतिक गलियारों में शामिल चिकन नेक कॉरिडोर में रेलवे ने चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है. इस फैसले को बिहार के कटिहार और सीमांचल क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई लाइन बनने के बाद इस रूट पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
ट्रेनों के संचालन में होगी आसानी
कटिहार में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) चेतन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है. इसके पूरा होने के बाद इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम हो जाएगी. साथ ही मौजूदा लाइनों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा.
रेलवे का मानना है कि अतिरिक्त लाइन बनने से भविष्य में नई ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी सुधार होगा.
रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है चिकन नेक
चिकन नेक कॉरिडोर करीब 34 किलोमीटर चौड़ा इलाका है, जो पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के निकट स्थित होने के कारण यह क्षेत्र सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
यही वजह है कि इस रूट पर रेलवे ढांचे को मजबूत करना राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है. बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पूर्वोत्तर राज्यों तक लोगों और सामान की आवाजाही और आसान होगी.
टनल परियोजना की भी तैयारी
रेलवे सूत्रों के अनुसार चिकन नेक क्षेत्र में टनल निर्माण की योजना पर भी काम चल रहा है. इसके लिए प्रारंभिक ब्लूप्रिंट तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है. आने वाले समय में इस दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि चौथी रेल लाइन और प्रस्तावित टनल परियोजना से पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी. इससे न केवल रेल परिचालन बेहतर होगा बल्कि पूर्वोत्तर भारत, सीमांचल और कटिहार की कनेक्टिविटी भी पहले से अधिक मजबूत हो सकेगी.
यह भी पढ़ें- लोटे चोको पाई बच्चों के लिए असुरक्षित: लैब टेस्ट में सैंपल फेल, देशभर से स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं