विज्ञापन
This Article is From Dec 07, 2025

मध्य प्रदेश में थम नहीं रहा चीतों की मौत का सिलसिला, अब तक 20 की गई जान

चीतों को भारत की धरती पर वापस लाने का सपना  पीएम मोदी ने शुरू किया गया था. चीता प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए अब न केवल प्राकृतिक खतरों से बल्कि मानव निर्मित खतरों से भी इन्हें बचाना होगा.

मध्य प्रदेश में थम नहीं रहा चीतों की मौत का सिलसिला,  अब तक 20 की गई जान

भारत में सरकार जहां चीतों को बसाने के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में  चीतों की अकाल मृत्यु का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों और अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है. हाल ही में एक बेहद दुखद घटना में ग्वालियर के भितरवार क्षेत्र में एक और शावक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया. यह दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'गामिनी' के दो शावकों में से एक था, जो कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकल गया था. 

दरअसल आगरा–मुंबई नेशनल हाइवे (शिवपुरी लिंक रोड) पर घाटीगांव सिमरिया मोड़ के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने इस शावक को टक्कर मार दी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, दूसरा शावक अभी भी लापता है और वन विभाग उसकी तलाश में जुटा है.

एक दिन पहले हुई थी मौत

इस दिल दहला देने वाली घटना से ठीक एक दिन पहले अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर खुले जंगल में छोड़े गए मादा चीता वीरा के 10 महीने के शावक की भी मौत हो गई थी. एक तरफ जहां चीतों को आजादी देने का जश्न था, वहीं अगले ही दिन एक मासूम जान का जाना इस परियोजना के भविष्य पर गहरा सवाल खड़ा करता है.

अब तक 20 चीतों की जान जा चुकी है.

चीते: 9

शावक: 11

आबादी: नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 20 चीतों से शुरुआत हुई थी.

भारत में जन्म: कुल 17 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 5 की मौत हो चुकी है.

चीतों को भारत की धरती पर वापस लाने का सपना  पीएम मोदी ने शुरू किया गया था. चीता प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए अब न केवल प्राकृतिक खतरों से बल्कि मानव निर्मित खतरों से भी इन्हें बचाना होगा.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Cheetah Dies, Cheeta, Cheeta In India, Cheeta Project, Cheeta Project In Hindi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com