मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park News) में चीता ज्वाला के दो शावकों की मौत हो गई है. दो दिन पहले भी ज्वाला के एक शावक की मौत हुई थी. ज्वाला ने करीब दो महीने पहले चार शावकों को जन्म दिया था. इनमें से तीन की मौत हो गई है. वहीं, एक शावक की भी तबीयत खराब है. इससे पहले तीन बड़े चीतों की भी कूनो नेशनल पार्क में मौत हो चुकी है.
शावकों की मौत की पुष्टि कूनो नेशनल पार्क ने की है. मध्य प्रदेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक की तरफ से बताया गया है कि 23 मई को भीषण गर्मी रही और लू चलती रही. दिन का तापमान यहां 46-47 डिग्री सेल्सियस रहा. शावकों की असामान्य स्थिति और गर्मी को देखते हुए मैनेजमेंट और वाइल्डलाइफ डॉक्टरों की टीम ने तत्काल तीनों शावकों को रेस्क्यू कर इलाज करने का फैसला लिया. इस बीच दो शावकों की स्थिति बहुत खराब हो गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मौत की वजह अत्यधिक गर्म मौसम और डिहाइड्रेशन बताई जा रही है.
-
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
एक शावक की हालत अभी गंभीर
अधिकारी की तरफ से बताया गया है कि एक शावक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसे इलाज के लिए पालपुर स्थित चिकित्सालय में रखा गया है. इसके साथ ही नामीबिया और साउथ अफ्रीका के सहयोगी चीता विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है. वहीं, मादा चीता ज्वाला अभी स्वस्थ है. उसकी निगरानी की जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता
पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने भी दो महीने से कम समय में तीन चीतों की मौत पर चिंता जाहिर की थी. अदालत ने दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से मध्य प्रदेश लाए गए चीतों को पड़ोसी राजस्थान में शिफ्ट करने का सुझाव दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "दो महीने से भी कम समय में तीन मौतें गंभीर चिंता का विषय है. विशेषज्ञों की राय और मीडिया में इसे लेकर आर्टिकल हैं. ऐसा लगता है कि कूनो नेशनल पार्क इतने सारे चीतों के लिए पर्याप्त नहीं है."
कोर्ट ने कहा था, "एक जगह चीतों का बहुत अधिक जमावड़ा है. आप राजस्थान में एक उपयुक्त जगह की तलाश क्यों नहीं करते? सिर्फ इसलिए कि राजस्थान में एक विपक्षी पार्टी का शासन है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप इस पर विचार नहीं करेंगे."
पिछले साल लाए गए थे 20 चीते
पिछले साल 17 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे. इसके बाद साउथ अफ्रीका से भी 12 चीतों को यहां लाकर बसाया गया. प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों को चरणबद्ध तरीके से क्वारांटाइन, बड़े बाड़े में रखने के बाद खुले जंगल में छोड़ेने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला (सियाया) ने बीते 24 मार्च को ही पार्क में 4 शावकों को जन्म दिया था. इनमें से अब तक 3 शावकों की मौत हो चुकी है.
इससे पहले 27 मार्च को साशा नाम की चीता की किडनी की बीमारी के कारण मौत हो गई थी. उससे पहले 23 अप्रैल को नर चीता उदय की कार्डियो-पल्मोनरी फेल्योर के कारण मौत हो गई. 9 मई को दक्ष नाम के एक अन्य मादा चीता की मौत हो गई. एक्सपर्ट ने कूनो नेशनल पार्क में हाई डेथ रेट की चेतावनी दी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं