- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की है
- अखिलेश यादव का कहना है कि अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में भी ईवीएम का उपयोग चुनाव में नहीं होता
- मायावती ने ईवीएम पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र पर जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने का वक्त बचा है और उससे पहले ईवीएम पर फिर से विपक्षी दल हमलावर हैं. सपा के मुखिया अखिलेश यादव की मांग है कि चुनाव बैलेट पेपर से ही होने चाहिए. उनका कहना है कि अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में भी ईवीएम से इलेक्शन नहीं होता. यही नहीं अखिलेश यादव ने यहां तक कहा कि यदि हम सारी सीटें जीत जाते हैं, तब भी ईवीएम के खिलाफ रहेंगे. हमारी यही मांग रहेगी कि ईवीएम से चुनाव न हों और बैलेट पेपर का ही इस्तेमाल किया जाए. दिलचस्प बात यह है कि अकसर सपा और अखिलेश यादव पर हमलावर रहने वालीं मायावती ने भी ऐसी ही राय जाहिर की है.
उनका कहना है कि ईवीएम पर लोगों को संदेह है और इससे लोगों का लोकतंत्र पर भरोसा कमजोर हो रहा है. मायावती ने कहा कि देश में 5 दशकों तक ईवीएम से चुनाव होते थे. तब वोटों की गिनती खुलेआम होती थी और उस दौरान सभी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहा करते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं है. चुनाव आयोग ने उसकी जगह ईवीएम का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि जनता के मन में यह संदेह नहीं होना चाहिए कि उन्होंने वोट किसी और को दिया था और वह किसी और के खाते में चला गया. उन्होंने कहा कि जब ऐसा होता तो उसे ही लोकतंत्र की हत्या कहा जाता है. इससे लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में खत्म हो जाता है.
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हम पहले ही बता चुके हैं कि यदि सारी सीटें जीत जाएं तो भी ईवीएम के खिलाफ ही रहेंगे.' उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आपके अमेरिका के साथ तो अच्छे रिश्ते हैं. क्या वहां बैलेट पेपर चुनाव नहीं होते? मैंने कई बार जर्मनी का उदाहरण दिया है. जर्मनी एक समृद्ध देश है और वह तो हमसे तकनीक और शोध में कहीं आगे है. लेकिन उसने आज तक ईवीएम से चुनाव को स्वीकार नहीं किया है.
क्या ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा करेगी आंदोलन? क्या बोले अखिलेश
क्या ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे. इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि सपा ने पहले ही भाजपा को हराने की रणनीति तैयार कर ली है. अखिलेश यादव ने कहा कि हमने पहले ही भाजपा को हटाने की रणनीति बना ली है. आप भाजपा को हटाए बिना किसी को हटा नहीं सकते. भाजपा ही असली परेशानी है. एक बार भाजपा हट जाएगी तो फिर सब कुछ सही हो जाएगा.
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