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चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांटे की टक्कर, बीजेपी और आप-कांग्रेस के 18-18 वोट, कौन मारेगा बाजी

चंडीगढ़ महापौर चुनाव को लेकर सियासी दांवपेंच का खेल जारी है. बीजेपी का मेयर बनने से रोकने के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस हाथ मिल सकता है.

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांटे की टक्कर, बीजेपी और आप-कांग्रेस के 18-18 वोट, कौन मारेगा बाजी
Chandigarh Mayor Election News
नई दिल्ली:

चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सियासी रस्साकशी तेज हो गई है.तमाम सियासी विरोध को दरकिनार कर बीजेपी को मेयर पद से दूर रखने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने हाथ मिलाने के संकेत दिए हैं. दोनों पक्ष भाजपा को महापौर पद बनने से रोकने के लिए रणनीतिक समझौते के लिए तैयार दिख रहे हैं. लेकिन दोनों ही दल ऐसे किसी गठबंधन का जाहिर तौर पर ऐलान करने से बच रहे हैं. कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ बातचीत जारी है.

अभी गठबंधन का ऐलान नहीं

चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लकी ने कहा, अभी तक AAP के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा को रोकने के लिए बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि 29 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक होने वाली है.

आप और कांग्रेस में पहले तकरार

इस महीने की शुरुआत में दोनों विपक्षी दलों के बीच तनाव तब बढ़ गया जब 6 जनवरी को आम आदमी पार्टी (AAP) के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने कांग्रेस पर भाजपा के साथ सत्ता-साझेदारी के लिए गुप्त समझौता करने का आरोप लगाया था. इस आरोप का लकी ने तीखा खंडन करते हुए 2024 के नगर निगम चुनावों में AAP की भूमिका पर सवाल उठाया, जहां महापौर तो AAP से थे, लेकिन वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के पद भाजपा को दिए गए थे.

चंडीगढ़ मेयर चुनाव का गणित

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में सीटों का संतुलन बेहद कड़ा है. दिसंबर के अंत में आम आदमी पार्टी (AAP) के दो पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से समीकरण बिगड़ गया है. बीजेपी के पास 18 पार्षद हैं. आप के पास 11 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 6 हैं. कांग्रेस सांसद का भी एक वोट होता है और पंजाब सांसद मनीष तिवारी के वोट को जोड़ लें तो यह 18 हो जाता है.लेकिन महापौर पद जीतने के लिए 19 वोटों के बहुमत की जरूरत होती है, बशर्ते सभी 36 वोट पड़े हों. आखिर कोई गैरहाजिर होता है तो सीटों का समीकरण बिगड़ सकता है. 

चंडीगढ़ महापौर चुनाव की प्रक्रिया बदली

इस साल के महापौर चुनाव में प्रक्रिया में भी बदलाव देखने को मिलेगा. महापौर, वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के लिए मतदान गुप्त मतदान के बजाय हाथ उठाकर किया जाएगा. पिछले चुनावों में हुए विवादों के बाद पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.
 

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