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This Article is From Jan 08, 2019

CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार की सफाई: हमने CVC की सिफारिश पर भेजा था छुट्टी

सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले को निरस्त कर दिया है.

CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार की सफाई: हमने CVC की सिफारिश पर भेजा था छुट्टी
CBI vs CBI: वित्त मंत्री अरुण जेटली
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आई केंद्र सरकार की सफाई
  • सरकार ने कहा- हमने CVC की सिफारिश मानी
  • सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा की बहाली की
नई दिल्ली:

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा (CBI Chief) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुनाते हुए उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले को निरस्त कर दिया है. इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा इस फैसले पर सफाई आई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने कहा कि हमने कुछ नहीं किया, हमने सीवीसी (CVC) की सिफारिश पर छुट्टी पर भेजा था. उन्होंने कहा कि हमने सीबीआई की स्वतंत्रता, विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए सीवीसी की सिफारिश ईमानदारी से मानी थी और सीबीआई अधिकारी को छुट्टी पर भेजा था. सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया में कहा है कि अभी वर्मा नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सेलेक्ट कमेटी के पास जाएगा. सीजेआई, प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष की सेलेक्ट कमेटी एक हफ्ते में यह तय करेगी कि वर्मा को उनके पद से हटाया जाए या नहीं. सेलेक्ट कमेटी एक हफ्ते के भीतर बैठक करेगी. तब तक आलोक वर्मा रोजाना के कामकाज में प्रशासनिक फैसले लेंगे. 

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साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि सीवीसी एक्ट (DPSE एक्ट) में विधायिका द्वारा संशोधन की जरूरत है. कोर्ट ने कहा विधायिका को सीबीआई निदेशक के ऑफिस को सरंक्षण देना चाहिए. विधायिका को एजेंसी की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए. छह दिसंबर को सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने आलोक वर्मा और कॉमन कॉज की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा लिया था. सीजेआई रंजन गोगोई आज छुट्टी पर हैं, ऐसे में जस्टिस संजय किशन ने फैसला पढ़कर सुनाया है. 

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किसने क्या कहा?

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे: हम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हैं, यह केंद्र सरकार के लिए सबक है... आज आप इन एजेंसियों को लोगों पर दबाव डालने के लिए इस्तेमाल करेंगे, कल कोई और करेगा... फिर लोकतंत्र का क्या होगा...?

दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल: सुप्रीम कोर्ट द्वारा CBI निदेशक आलोक वर्मा को बहाल किया जाना प्रधानमंत्री पर सीधे कलंक लगना है... मोदी सरकार ने हमारे देश के सभी संस्थानों तथा लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है... क्या CBI निदेशक को आधी रात को गैरकानूनी तरीके से राफेल घोटाले की जांच रोकने के लिए नहीं हटाया गया, जो सीधे प्रधानमंत्री तक जाती है...?

एनसीपी सांसद माजिद मेनन: ये रोशनी की किरण है. सरकार से लोग परेशान हो चुके हैं. सीबीआई से जैसे सरकार डांस करवाती थी. सरकार के ऊपर तमाचा है. अगर उनके पास समय होता तो और सच्चाई सामने आती. 

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सीपीएम के सलीम: मोदी सरकार के लिए कड़ा तमाचा. इस्तीफा देना चाहिए और राफेल मुद्दे को रोकने के लिए ऐसा किया गया था.

कांग्रेस के सुनील जाखड़: पीएम मोदी के लिए बड़ा झटका. भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वालों की असलियत सामने आई. 

भाजपा नेता विनय सहस्त्रबुद्धे: यह कानूनी प्रक्रिया है, हम इसका सम्मान करते है. बहुत सारे पहलू हैं. हम कोर्ट के फैसले का आदर करते है.

भाजपा के अनुराग ठाकुर: हमने फैसला नहीं देखा. फैसला देखने के बाद ही कुछ कहूंगा.

VIDEO- सुप्रीम कोर्ट ने CBI चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया निरस्त

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