लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज सदन में ईंधन संकट के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने लोकसभा में कहा यह दर्द की शुरुआत है, जो आने वाले दिनों में और बढ़ेगा. उन्होंने सरकार पर अमेरिकी प्रशासन के दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया और सवाल किया कि डोनाल्ड ट्रंप कैसे तय कर सकते हैं कि भारत तेल कहां से और किससे खरीदे. इसके अलावा उन्होंने एपस्टीन का भी जिक्र किया. इसे लेकर स्पीकर ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने निशाना साधा.
'केवल राहुल गांधी को दी गई था बोलने की अनुमति'
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'संसद में हमने राहुल गांधी से पूछा कि वे LPG मुद्दे को किस समय उठाना चाहते हैं. उस समय लोकसभा में अन्य विषयों पर चर्चा चल रही थी. हमने फिर कहा कि यदि स्पीकर विशेष अनुमति देंगे तो सरकार जवाब देने के लिए तैयार है. पेट्रोलियम मंत्री तुरंत इस विषय पर बयान देने के लिए तैयार हुए और राहुल गांधी को विशेष अनुमति दी गई. आप यह याद रखिए कि यह अनुमति किसी और को नहीं, बल्कि केवल लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई थी. उन्हें शाम चार बजे इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति दी गई.'
'राहुल ने अन्य विषयों पर बोलना शुरू कर दिया'
उन्होंने आगे कहा, 'जब राहुल गांधी को बोलने का अवसर मिला, तो उन्होंने एलपीजी के मुद्दे पर बात करने के बजाय अन्य विषय से जुड़े विषयों पर बोलना शुरू कर दिया. स्पीकर ने उनसे आग्रह किया कि उन्हें विशेष अनुमति केवल एलपीजी के मुद्दे पर बोलने के लिए दी गई है, वह भी नेता प्रतिपक्ष के तौर पर सामान्यतः ऐसी अलग से अनुमति नहीं दी जाती, फिर भी उन्हें दी गई. इसके बावजूद, उन्होंने नोटिस में उल्लेखित विषयों के अलावा अन्य मुद्दों जैसे अमेरिका और सप्लाई से जुड़ी बातें उठानी शुरू कर दीं। यह बहुत दुख की बात है.' रिजिजू ने कहा, 'हमने फिर खड़े होकर विरोध किया और उनसे कहा कि राहुल गांधी, कृपया विषय पर बोलिए. सरकार की ओर से भी उनसे अनुरोध किया गया और स्पीकर ने भी बार-बार कहा कि जिस विषय पर नोटिस दिया गया है, उसी पर बोलें, लेकिन उन्होंने उस विषय पर बात नहीं की.'
#WATCH | Delhi | On Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi, Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "...Special permission was granted to Mr Rahul Gandhi. As soon as he was allowed to speak, he didn't speak on LPG, but instead began speaking on global… pic.twitter.com/uFXQmvBy6w
— ANI (@ANI) March 12, 2026
रिजिजू ने बताया कि जब पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सदन को विस्तार से जानकारी दे रहे थे, तब राहुल गांधी ने अपने सांसदों को वेल में भेज दिया. कागज फाड़कर फेंके गए और हंगामा किया गया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. उन्होंने कहा, 'आज कांग्रेस के और अन्य कई नेता हमसे मिले और आठ सांसदों के निलंबन का जिक्र किया, लेकिन अगर इस तरह का व्यवहार होगा, नियमों को बदलकर और संशोधित करके नेता प्रतिपक्ष को विशेष अनुमति देने के बाद भी ऐसा आचरण किया जाएगा तो नेता प्रतिपक्ष की भूमिका को लेकर देश के लोगों को भी सोचना चाहिए. बाकी लोकसभा की कार्यवाही चलती रहेगी, जैसा कि आज स्पीकर ने कहा है.'
राहुल गांधी 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा': निशिकांत दुबे
वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर जुबानी हमला किया.उन्होंने संसद परिसर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. भाजपा सांसद ने दावा किया कि विपक्ष के कई कार्यक्रमों और आंदोलनों के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ है. निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि चाहे भारत जोड़ो यात्रा हो या फिर सैम पित्रोदा के साथ जुड़ी गतिविधियां, इन सबको जॉर्ज सोरोस से समर्थन मिलता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सोरस ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए 100 करोड़ रुपये दिए. दुबे ने राहुल गांधी को 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' बताते हुए कहा कि वह विभिन्न मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश करते हैं. दुबे ने कहा कि एलपीजी से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार पहले से ही चिंतित है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है.
राहुल गांधी जी ने संसद को पिकनिक स्पॉट बना दिया है । क्या आम जनता को कांग्रेस ने वेवकूफ समझा है?
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) March 12, 2026
भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी जी को सोरोस फ़ाउंडेशन ने 100 करोड़ देश तोड़ने के लिये दिए. pic.twitter.com/6wIt9zXCUj
उन्होंने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों की एक तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि उस तस्वीर में राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ सदस्य चाय पीते हुए दिखाई दे रहे थे. उन्होंने कहा कि संसद कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है और गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बजाय इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है. भाजपा सांसद ने कहा कि कि स्पीकर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मकर द्वार पर किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन नहीं होगा और संसद परिसर में चाय-कॉफी के साथ विरोध-प्रदर्शन भी नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं.
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