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This Article is From Jun 02, 2024

Exit Poll: देश में हिट लेकिन बिहार में पिट रही है NDA, नीतीश साबित हो रहे कमजोर कड़ी; अनुमान का किस तरफ इशारा?

2019 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी ने बिहार की 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से 16 सीटों पर उसे जीत मिली थी. किशनगंज की सीट पर उसके उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था.

Exit Poll: देश में हिट लेकिन बिहार में पिट रही है NDA, नीतीश साबित हो रहे कमजोर कड़ी; अनुमान का किस तरफ इशारा?
नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव  2024 (Lok Sabha elections 2024) के लिए 7 चरण में मतदान संपन्न हो चुके हैं. बिहार में सभी 7 चरण में वोट डाले गए. मतदान के अंतिम चरण के बाद कई एजेंसियों की तरफ से एग्जिट पोल लाए गए हैं. तमाम एग्जिट पोल में जहां देश भर में एक बार फिर एनडीए की जीत की बात कही गयी है. वहीं बिहार में एनडीए की सीटों में गिरावट की बात कही गयी है. तमाम एग्जिट पोल एनडीए की सीटों में 4 से लेकर 12 सीटों के नुकसान की बात कर रहे हैं. साथ ही कुछ एग्जिट पोल में जदयू के अधिक नुकसान की बात भी कही गयी है. 

नीतीश कुमार की पार्टी की न सिर्फ सीट कम होने की बात कही जा रही है बल्कि मत प्रतिशत में भी गिरावट का अनुमान एग्जिट पोल में लगायी गयी है.

नीतीश कुमार को सीट और वोट प्रतिशत दोनों का हो सकता है नुकसान
 मैट्रिज के एग्जिट पोल के अनुसार बिहार में जनता दल यूनाइटेड को 13 सीटों पर जीत मिलने की संभावना है. पिछले चुनाव में बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी को 16 सीटों पर जीत मिली थी. इस चुनाव में जदयू को 3 सीटों का नुकसान हो सकता है. साथ ही वोट प्रतिशत में भी गिरावट की संभावना जतायी गयी है. जदयू को पिछले चुनाव में 22.3 प्रतिशत वोट मिले थे वहीं इस चुनाव में 21.2 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जतायी गयी है. हालांकि बताते चलें कि पिछले चुनाव की तुलना में इस चुनाव में जदयू एक सीट कम लड़ रही है. ऐसे में वोट प्रतिशत में गिरावट का एक आधार इसे भी माना जा सकता है. 

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क्या नीतीश कुमार का कम हो रहा है आधार?
साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से इस बात की चर्चा लगातार होती रही है कि बिहार में नीतीश कुमार की पकड़ कमजोर हुई है. विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी को महज 43 सीटों पर जीत मिली थी. जिसके बाद से राजनीति के जानकारों का मानना रहा है कि जदयू के वोट बैंक में गिरावट आयी है. ऐसे में अगर आंकड़ों में भी यह गिरावट दर्ज होती है तो जनता दल यूनाइटेड और नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य के लिए यह चुनाव परिणाम संकट ला सकता है. 

7 से 10 सीटों पर हो सकता है नुकसान: एक्सिस माई इंडिया
एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, बिहार में एनडीए को 29-33 सीटें मिल सकती हैं जबकि इंडिया गठबंधन के खाते में 7-10 सीटें आ सकती हैं. इसमें भाजपा को 13-15, जदयू को 9-11, कांग्रेस को एक से दो सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. लोजपा (रामविलास) के खाते में पांच सीटें मिलने की बात कही गयी है.

जन की बात के सर्वे में एनडीए को 32 से 37 सीटें मिलने का अनुमान है. एजेंसी ने तीन से आठ सीटें इंडिया गठबंधन को दी हैं. ऐसे में सभी एग्जिट पोल ने एनडीए की 40 सीटों पर जीत के दावे को नकारा है.

एग्जिट पोल एक अनुमान है. परिणाम का पता चार जून को मतगणना के बाद ही चल सकेगा. एनडीए चुनाव में 40 सीटों पर जीत के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी. सभी चरण के मतदान संपन्न होने के बाद भी एनडीए के नेता 40 सीट पर जीत का दावा कर रहे हैं. इस चुनाव में बिहार में एनडीए में भाजपा, जदयू, लोजपा (रा), जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल है.

NDA और इंडिया गठबंधन में कैसे हुआ था सीटों का बंटवारा
बिहार की 40 लोकसभा में भाजपा 17, जदयू 16, लोजपा (रा) 5 तथा जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक सीटें दी गई थी. दूसरी ओर महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) में राजद 26, कांग्रेस नौ और वामपंथी दलों ने पांच सीटों पर चुनाव लड़ा. राजद ने अपने कोटे से तीन सीटें मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी को दे दी थी. मुकेश सहनी की पार्टी ने गोपालगंज, झंझारपुर और मोतिहारी में अपने उम्मीदवार उतारे. उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव यानी 2019 में एनडीए ने 39 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को एक सीट मिली थी. राजद का खाता भी नहीं खुला था.

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