- बेंगलुरु के बाहरी इलाके से दो युवकों को नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार किया गया है
- आरोपियों ने लड़कियों को बहला-फुसलाकर सुनसान जगहों पर शोषण किया और घटना का वीडियो इंटरनेट पर अपलोड किया
- पीड़ितों को धमकाकर मानसिक रूप से तोड़ा गया जिससे वे लंबे समय तक इस अपराध की जानकारी किसी को नहीं दे सकीं
Bengaluru Rape Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने सुरक्षा और डिजिटल अपराध के खतरों पर फिर से बहस छेड़ दी है। कग्गलीपुरा पुलिस ने दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने न केवल दो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया, बल्कि पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट पर भी अपलोड कर दिया. इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद कग्गलीपुरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
शिकार बनाने का तरीका: विश्वास और असुरक्षा का फायदा
पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई है कि आरोपियों ने बहुत ही शातिर तरीके से बच्चियों को अपनी गिरफ्त में लिया. किरण कुमार (29) और आदित्य एम.के. (20) ने अपने काम और क्षेत्र में अपनी पहचान का इस्तेमाल कर बच्चियों से संपर्क साधा. ये आरोपी अक्सर उन जगहों पर नजर रखते थे जहां ये बच्चियां खेलती थीं या आती-जाती थीं. आरोपियों ने पहले उन्हें बहला-फुसलाकर और छोटी-मोटी चीजों का लालच देकर उनके करीब जाने की कोशिश की. एक बार जब बच्चियां उनके झांसे में आ गईं, तो आरोपियों ने सुनसान इलाकों और एकांत का फायदा उठाकर उनके साथ दरिंदगी की. इस दौरान आरोपियों ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किए, ताकि वे इन वीडियो को हथियार बनाकर बच्चियों को खामोश कर सकें. डराने-धमकाने और 'इज्जत' का हवाला देकर उन्हें इस कदर मानसिक रूप से तोड़ दिया गया कि वे लंबे समय तक किसी को कुछ बता नहीं सकीं.
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NCRP की सूचना पर कग्गलीपुरा पुलिस का एक्शन
इस घृणित अपराध का पर्दाफाश तब हुआ जब 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' (NCRP) की हेल्पलाइन पर इस मामले से जुड़ी एक गुप्त सूचना (Tipline) प्राप्त हुई. 10 मई 2026 को कग्गलीपुरा पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 57 और 67(8) के तहत मुकदमा दर्ज किया. जब पीड़ितों के बयान लिए गए, तो हैवानियत की पूरी कहानी सामने आ गई. इसके बाद पुलिस ने एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) अधिनियम की सख्त धाराएं जोड़ दीं.
आरोपियों का प्रोफाइल और गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में किरण कुमार नायक (29) शामिल है, जो चित्रदुर्ग का रहने वाला है और वर्तमान में कग्गलीपुरा में रह रहा था. दूसरा आरोपी 20 वर्षीय आदित्य एम.के. है, जो शिवमोग्गा का निवासी है और एक निजी विला में स्विमिंग पूल मेंटेनेंस वर्कर के रूप में कार्यरत था. पुलिस ने 12 मई को दबिश देकर दोनों को धर दबोचा और उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जो इस केस में सबसे अहम डिजिटल सबूत माने जा रहे हैं.
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जांच का दायरा और पुलिस की प्राथमिकता
अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या इन वीडियो को किसी बड़े पोर्नोग्राफिक नेटवर्क पर तो अपलोड नहीं किया गया या इनके माध्यम से कोई व्यावसायिक लाभ उठाने की कोशिश तो नहीं की गई. साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इन आरोपियों ने अन्य मासूमों को भी अपना शिकार बनाया है.
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