बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ है. एसआईटी (SIT) की जांच में सामने आया कि बाइक सवार हमलावरों ने महज 45 से 50 सेकंड में ही अंजाम दे दिया. उत्तर 24 परगना जिले के माध्यामग्राम में हुई हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जांच एजेंसियों का मानना है, "शूटरों को पूरी तरह से पता था कि टारगेट गाड़ी के अंदर कहां बैठा है. सटीक जानकारी के साथ बहुत ही तेजी से और पेशेवर तरीके से हत्या कर दी गई."
कौन कर रहा था गाड़ी का पीछा?
SIT के मुताबिक, एक सिल्वर रंग की कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी को माध्यामग्राम के दोहरिया क्रॉसिंग के पास रोका. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर लाल रंग की कार और मोटरसाइकिल पर फरार हो गए. वहीं, सीसीटीवी फुटेज में एक गाड़ी भी नजर आई है, जो चंद्रनाथ की कार का पीछा कर रही थी. पुलिस को गाड़ी की भी तलाश है.
वारदात के पीछे 8 लोगों का हाथ!
जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरी साजिश में कम से कम 8 लोग शामिल थे, जिनमें स्थानीय अपराधियों ने सपोर्ट दिया. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. आशंका है कि शॉर्पशूटर यूपी और बिहार से बुलाए गए थे. इसी सिलसिले में पुलिस की टीमों को दोनों राज्यों में भी भेजा गया है.
चोरी की कार-बाइक इस्तेमाल होने का शक
हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और कार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, चोरी की बाइक और कार से वारदात की गई है. एक मोटरसाइकिल बरासात इलाके में बरामद की गई है, जबकि दूसरी घटनास्थल के पास मिली थी.
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