केरल के पहले प्लाज्मा बैंक के पीछे एक डॉक्टर और उनके व्हाट्सएप ग्रुप का हाथ

देश में बढ़ते कोरोनोवायरस मामलों को देखते हुए केरल के मलप्पुरम जिले में एक डॉक्टर ने कोरोना मरीजों से बातचीत करने के लिए मार्च में एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था.

केरल के पहले प्लाज्मा बैंक के पीछे एक डॉक्टर और उनके  व्हाट्सएप ग्रुप का हाथ

प्लाज्मा बैंक के लिए लोगों को जुटाने के पीछे एक डॉक्टर और उनके व्हाट्सएप ग्रुप का हाथ है.

मलप्पुरम :

देश में बढ़ते कोरोनोवायरस मामलों को देखते हुए केरल के मलप्पुरम जिले में एक डॉक्टर ने कोरोना मरीजों से बातचीत करने के लिए मार्च में एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था. जिले के मंजेरी मेडिकल कॉलेज में COVID-19 के नोडल अधिकारी डॉ शिनास बाबू, अब चार ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप को मैनेज करते हैं जिसमें कोरोना संक्रमित और कोरोना से रिकवर हो चुके लोग शामिल हैं. ये ग्रुप उस समय केरल के पहले प्लाज्मा बैंक के लिए लोगों को जोड़ने के लिए कड़ी बन गए जब राज्य के तटीय हिस्सों में COVID-19 मामलों की संख्या बढ़ रही है. प्लाज्मा थेरेपी की मदद से COVID -19 को मात देने वाले एक सब-इंस्पेक्टर के बेटे, जीतू पी अजिथ ने बताया कि कैसे उनके पिता के लिए प्लाज्मा की व्यवस्था करने में डॉक्टरों ने फौरन प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने एनडीटीवी को बताया, "जून में, मेरा परिवार और मैं मलप्पुरम लौटे थे. जल्द ही मेरे पिता COVID पॉजिटिव निकले. मुझे डॉक्टरों ने बताया कि वे गंभीर हैं और उन्हें प्लाज्मा थेरेपी की जरूरत है. लेकिन जब वह मुझसे बात कर रहे थे तो पहले ही प्लाज्मा डोनर की डॉक्टरों द्वारा व्यवस्था कर दी गई थी. " सब-इंस्पेक्टर अजित पी कुमार दिल्ली में तैनात हैं.

डॉ बाबू याद करते हैं, "मैं व्हाट्सएप ग्रुप में मरीजों को सीधे उनके साथ बातचीत करने के लिए जोड़ता था. क्योंकि लोग चिंतित, डरे हुए और संशय में रहते थे. इसलिए, हम चर्चा करते थे और ग्रुप में संदेह को दूर करते थे. ऐसे लोग भी थे जो ठीक हो गए थे और अपना अनुभव साझा करते थे.''

उन्होंने कहा, "हमें अचानक 60 साल के एक मरीज के लिए प्लाज्मा की आवश्यकता थी. मैंने इसे व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिया. दो लोगों ने लगभग तुरंत स्वेच्छा से प्लाज्मा डोनेट किया. दुर्भाग्य से, रोगी पर उपचार का असर नहीं हुआ और वह मर गया. लेकिन आखिर में हम चार रोगियों पर प्लाज्मा थेरेपी करने में कामयाब रहे.

 जब डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टरों, जिला चिकित्सा अधिकारी और जिला कलेक्टर के साथ प्लाज्मा बैंक के बारे में अपने विचार साझा किए तो उन्होंने पूरी तरह से सहायता की.

डॉ शिनस बाबू ने कहा, "मलप्पुरम के 22 रिकवर कर चुके रोगियों ने 11 जुलाई को अपना प्लाज्मा दान किया था. और फिर व्हाट्सएप पर एक दूसरी अपील के आधार पर, 17 जुलाई को अन्य 22 लोगों ने अपना प्लाज्मा दान किया. अन्य 200 ऐसे लोग हैं जिन्होंने डोनेट करने के लिए सहमति दी है. ” 

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मलप्पुरम में कुल 615 मरीज COVID 19 को मात दे चुके हैं और 560 एक्टिव मामले हैं.