विज्ञापन
This Article is From Jan 20, 2015

महाराष्ट्र के तीन जिलों में शराब पर पूरी पाबंदी, न पी सकेंगे और न पिला सकेंगे

मुंबई:

शराब पर पाबंदी के मामले में महाराष्ट्र ने देश में नई मिसाल पेश की है। राज्य के तीन ज़िलों में न तो शराब पी जा सकेगी न ही पिलायी जा सकेगी। महाराष्ट्र की मंगलवार को हुई कैबिनेट में यह एहम फैसला लिया गया। विदर्भ के वर्धा, गढ़चिरोली और चंद्रपुर ज़िलों के लिए यह कानून लागू होगा।

महाराष्ट्र ने इस फैसले के साथ गुजरात को पछाड़ दिया है। अब तक गुजरात ऐसा राज्य था जहां शराब पर पाबंदी लागू है। लेकिन, इस पाबंदी के बावजूद गुजरात में परमिट होने पर आप शराब खरीद सकते हैं और पी भी सकते हैं। महाराष्ट्र के तीन ज़िलों को शराब बंदी का विशेष ज़ोन लागू करने के साथ सरकार ने फैसला लिया है कि, इस ज़ोन के शराब पीने और बेचने के लाइसेन्स 1 अप्रैल 2015 के बाद रिन्यू नहीं होंगे। जिससे वहां शराब न बेची जा सकेगी न कहीं और से ला कर पी जा सकेगी।

राज्य के वित्तमंत्री बने सुधीर मुनगंटीवार इस फैसले के लिए पिछले 10 साल से संघर्षरत थे। उनके चुनाव क्षेत्र चंद्रपुर को शराब मुक्त करने के लिए चली मुहिम में 1 लाख 7 हजार स्थानीय महिलाओं ने कई अन्य सामाजिक संगठनों के साथ शराब पर रोक लगाने का ज्ञापन दिया था। बीजेपी सरकार ने जनभावना को ध्यान में रखकर सम्पूर्ण शराब बंदी का दायरा चंद्रपुर के साथ गढचिरोली और वर्धा तक बढा दिया है। वैसे, वर्धा में महात्मा गांधी के सेवाग्राम आश्रम के होने की वजह से 1950 में ही शराब बंदी लागू हुई थी। लेकिन, वह कारगर साबित नहीं हुई।

मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन में सरकारी फैसले का ऐलान करते हुए राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया की, महाराष्ट्र सरकार अपने इस फैसले के आसार को देख, इलाके में पाबंदी और भी बढा सकती है। फैसले से पहले सरकार ने शराब पीने से होते नुकसान का जायजा लिया। जिसके तहत, चंद्रपुर में शराब पर परिवारों से सालाना 10 हजार रुपए खर्च हो रहे थे। तो दूसरी तरफ़ अकेले चंद्रपुर से सरकार को सालाना 200 करोड़ रुपए की आमदनी शराब की बिक्री से हो रही थी। पाबंदी के बाद सरकार का यह राजस्व खत्म होगा। तो सरकारी दावे के मुताबिक शराब न पीने से इलाज पर सालाना खर्च होते 1000 करोड़ रुपये बच सकेंगे।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
महाराष्ट्र, शराब पर बैन, गुजरात, शराब लाइसेंस, Maharastra, Ban On Liquor, Gujarat, Liquor License, शराब बंदी, सुधीर मुनगंटीवार