- 2019 में मायावती के लोकसभा अभियान के दौरान आकाश आनंद एक प्रमुख चेहरा रहे
- आकाश के राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 2017 में हुई थी
- आकाश मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) कर चुके हैं
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने आज अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना राजनैतिक उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. लखनऊ में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में मायावती ने आकाश को लेकर ये बड़ी घोषणा की. आकाश आनंद मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे हैं. उन्होंने स्कूली पढ़ाई गुरुग्राम से और उच्च शिक्षा विदेशों से की है. हाल ही में आकाश की शादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई है.
राजनीति में सक्रिय हैं आकाश
बीएसपी के नेशनल कॉर्डिनेटर आकाश आनंद अब घोषित तौर पर मायावती के उत्तराधिकारी होंगे. आकाश का राजनीति में प्रवेश 2017 में हुआ, जब वो मायावती के साथ सहारनपुर में एक कार्यक्रम में मंच पर दिखे. इसके बाद वो अक्सर पार्टी की बैठकों में भी शामिल होते रहे और धीरे-धीरे उनका राजनैतिक कद भी बढ़ता गया. मायावती ने उन्हें नेशनल कॉर्डिनेटर बनाया है. हाल ही में हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिज़ोरम के चुनाव में आकाश को ज़िम्मेदारी दी गई थी.
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आकाश के सामने बड़ी चुनौती
बीएसपी वर्तमान में अपने सबसे ख़राब दौर से गुज़र रही है. 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी को सिर्फ 19 सीटें मिलीं. 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में पार्टी को 10 सीटें हासिल हुईं, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी सिर्फ एक सीट पर सिमट गई. अब आकाश आनंद को न सिर्फ उत्तर प्रदेश में सक्रिय होकर काम करना होगा, बल्कि पूरे देश में पार्टी के संगठन को खड़ा करने के लिए सक्रिय रूप से ज़िम्मेदारी निभानी होगी.
लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बीएसपी
बहुजन समाज पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लग गई है. मायावती ने 2024 का चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा कर रखी है. फ़िलहाल मायावती ने एनडीए और न इंडिया अलायंस के साथ जाने के मूड में हैं. पार्टी आम तौर पर चुनाव से काफ़ी पहले अपने प्रत्याशियों की घोषणा करती आई है. माना जा रहा है कि 2024 के लिए भी बीएसपी प्रत्याशियों के नाम तय कर सकती है. आकाश आनंद की घोषणा से ठीक एक दिन पहले पार्टी ने सफ़ाई अभियान भी चलाया कब अमरोहा से सांसद दानिश अली को अनुशासनहीनता के आरोप से पार्टी से बाहर कर दिया गया. अब लोकसभा चुनाव में बीएसपी के सामने बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है, जिसमें अब आकाश आनंद की ज़िम्मेदारी भी बड़ी होगी.
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