बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने भागवत कथा में एक ऐसी टिप्पणी की है, जिसे लेकर विवाद हो रहा है. उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना की. आरोप लग रहे हैं कि भगवान राम से तुलना करते हुए उन्होंने श्रीकृष्ण का अपमान कर दिया. उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि, बाद में धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि उन्होंने यह बात मजाक-मजाक में कही थी.
इसमें राम और कृष्ण की तुलना करते हुए धीरेंद्र शास्त्री यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि बंसी तो कोई भी बजा लेता है लेकिन धनुष चलाना सबके बस की बात नहीं. हमारे राम तो खड़े भी सीधे होते हैं, तुम्हारे ठाकुर तो खड़े भी टेढ़े भी होते हैं.
क्या बोल पड़े धीरेंद्र शास्त्री?
वायरल वीडियो के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं, 'तुम्हारे वाले तो एक भी फोटो देख लो तुम अपने वाले ठाकुर जी की. एक भी फोटो. बैठे हैं ऐसे तो ऐसे... कहीं ऐसे... और तुम्हारे वाले तो खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े. पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लटकाए, खपड़िया ऐंसी करें, ऐंसी खपड़िया करें, फिर बंसी हो जाए, ऐसे टेढ़े करके.'
आगे धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं, 'हमारे वाले तो खड़े भी होते हैं तो एकदम सीधे. हमारे वाले का नाम भी सीधा. तुम्हारे वाले का... हमारे वाले का नाम भी सीधा, हमारे वाले का चलना भी सीधा, हमारे वाले दिखते भी सीधे. तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा, चलते भी टेढ़े, खड़े भी टेढ़े होते हैं. हमारे वालों का धाम भी सीधा... अयोध्या! तुम्हारे वाले का... वृन्दावन!'
इंसानों को आपस में बाटने से काम नहीं चला तो अब भगवानो को भी बाट दिया। धीरेन्द्र शास्त्री के अनुसार उनके भगवान सीधे खड़े होते हैं।अन्य लोगों के भगवान टेढ़े खड़े होते है। मुरली बजाने वाले टेढ़े उनके धाम भी टेढ़े क्या यही सभ्य भाषा हो सकती है। एक आचार्य की जो हिंदू राष्ट्र की बात करता है। आज अपने भगवान और अन्य लोगों के भगवान अलग बता रहा है।,,,,
— Bharat Singh (@KRASHANKAN8171) November 1, 2026
'बंसी बजाना तो खेल है'
धीरेंद्र शास्त्री यहीं नहीं रुकते. आगे वह श्रीकृष्ण के बांसुरी बजाने और श्रीराम के धनुष चलाने की भी तुलना करते हैं.
वह कहते हैं, 'और सुनो... बंसी का बजाना तो खेल भी है... धनुष चलाना खेल नहीं. जितने ठाकुर जी वाले बैठे हैं, आज तो तुम्हारे ठाकुर जी की भी जय-जयकार हो रही है. और सुनो, तुम्हारे ठाकुर जी क्या करते? बंसी बजाते? तो बंसी कोई बड़ी बात थोड़ी है. देखो हमारे यहां तो ये भी बजा रहा है, बजा भैया बजा.'
आगे धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं, 'राम जी वाले कितने बैठे हैं हाथ उठाओ. हां, आज तुम लोग फूले नहीं समाओगे. बंसी का बजाना तो खेल भी है... पर धनुष चलाना खेल नहीं.'
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