उत्तराखंड के प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई शिकायतों और देहरादून के धार्मिक संगठन 'भैरव सेना' के शिकायती पत्र के बाद मामले में अब सख्ती दिख रही है. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इस मामले में संज्ञान लिया है. अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि सोशल मीडिया में बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के संबंध में जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मंदिर समिति ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच के लिए जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है. जिसमें तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है. वहीं दान से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज भी सील कर दिए गए हैं. अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
बीकेटीसी ने गठित की जांच समिति
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले में स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर दान में हेराफेरी को लेकर जो खबरें सामने आई हैं. उस पर सख्त एक्शन लिया गया है. मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने चढ़ावा चोरी की गिनती करने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है. जबकि एक जांच समिति का गठन भी किया गया है. यह समिति अपनी जांच करेगी और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपेगी, जिसे सार्वजनिक भी किया जाएगा.
🔴 #BREAKING | बदरीनाथ धाम चढ़ावा मामले में NDTV की खबर के बाद जांच के आदेश#BadrinathDham | @Aayushinegi6 pic.twitter.com/bFl35fqrjn
— NDTV India (@ndtvindia) July 4, 2026
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह एक बहुत संवेदनशील मामला है और हम इसे पूरी गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि लाखों लोगों की इस पवित्र तीर्थ स्थल में गहरी आस्था है. सभी जरूरी कदम 24 घंटे के भीतर ही उठा लिए गए थे. इस मामले में जांच समिति का गठन किया गया. अगर कोई भी आरोपी साबित होता है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी.
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मेरा कोई निजी सचिव: हेमंत द्विवेदी
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सोशियल मीडिया में जिस कर्मचारी को उनका 'निजी सचिव' बताया जा रहा है, वह उनका कोई निजी सचिव नहीं है. संबंधित कर्मचारी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है. वह मुझ से पहले भी सहायक के रूप में मंदिर समिति में रहा है और तीन अध्यक्षों के साथ काम कर चुका है. इसलिए सोशल मीडिया में उसके संबंध में प्रसारित किये जा रहे आरोप सही पाये जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.
सीसीटीवी की भी होगी जांच
दरअसल, इस वित्तीय अनियमितता के आरोपों के केंद्र में बीकेटीसी का ही एक नियमित कर्मचारी है. शिकायत के मुताबिक 2 जुलाई को मंदिर परिसर के एक सीसीटीवी फुटेज में उक्त कर्मचारी दान की रकम के साथ संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिया था. जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. वीडियो सामने आने के बाद ही बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने इसे संदेह की स्थिति में रखते हुए चार कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था. इन सभी से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. जबकि सीसीटीवी भी खंगाले जाएंगे.
बद्रीनाथ मंदिर लोगों की आस्था से जुड़ा
मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि यह प्रकरण उत्तराखंड के विश्वविख्यात और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से जुड़ा हुआ है. इसलिए जब तक किसी भी आरोप की विधिवत जांच के माध्यम से पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार के अपुष्ट अथवा भ्रामक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए. सभी से अपेक्षा है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतें, ताकि पवित्र धाम की गरिमा एवं छवि पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.
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