- उत्तराखंड के बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने चढ़ावा और दान सामग्री की निगरानी में कड़ाई बढ़ाई है
- भैरव सेना संगठन ने चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में CEO को ज्ञापन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की
- स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की है
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के खुलासा होने के बाद उत्तराखंड में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ और बदरीनाथ के अधीनस्थ मंदिरों में चढ़ावा व दान सामग्री की निगरानी के लिए सतर्क और बढ़ दी है. बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने चढ़ावे की पारदर्शिता व लेखा जोखा रखने के निर्देश दिए हैं.
क्या है मामला?
श्री बदरीनाथ धाम में कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है. शुक्रवार को भैरव सेना संगठन ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई, संबंधित कर्मचारी के निलंबन और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की. ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायक से जुड़े कथित आर्थिक चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. संगठन का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी पारदर्शी जांच होना आवश्यक है.
हाई लेवल जांच की मांग
वहीं स्थानीय लोगों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उनका कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके. अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जबकि आरोप असत्य साबित होने की स्थिति में भी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं और आमजन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे. फिलहाल मामले की जांच प्रक्रिया जारी है और अब सभी की निगाहें प्रशासन तथा बीकेटीसी द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
समिति के CEO ने जारी किया पत्र
लेकिन इसी बीच बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) की ओर से अपने कर्मचारियों को मंदिर के चढ़ावे एवं अन्य दान में पारदर्शिता बरतने का पत्र जारी किया गया है सीईओ ने मंदिर समिति के अधीन दान भेंट, गिनती स्थल, लेखा खजाना, विश्रामगृह, पूजा काउंटर में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि चढ़ावे व दान सामग्री में पारदर्शिता, सतर्कता व निगरानी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पत्र में लिखा गया है कि वर्तमान में श्री राम मन्दिर अयोध्या में दान, चढ़ावे आदि के सम्बन्ध में मीडिया के माध्यम से प्राप्त हो रही गबन आदि की खबरों के क्रम में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति के अधीनस्थ मन्दिरों के दान/चढ़ावा/किराया आदि की पारदर्शिता हेतु विशेष सतर्कता की आवश्यकता है. ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत प्राप्त न हो.
इस सम्बन्ध में मन्दिर समिति अधीन सभी दान/भेंट गिनती स्थल, लेखा, खजाना, विश्रामगृह तथा पूजा काउन्टर में तैनात अधिकारी / कार्मिकों को निर्देशित किया जाता है कि मन्दिर को प्राप्त होने वाले दान / चढ़ावे एवं अन्य किसी भी प्रकार से प्राप्त होने वाली धनराशि / सामाग्री के रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमिता न की जाए. सम्बन्धित प्रभारी इस पर विशेष निगरानी रखते हुए सतर्कता बरतेंगें और प्राप्त धनराशि / सामाग्री का पारदर्शी रूप से नियमानुसार लेखा-जोखा रखेंगे. भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा शिकायत प्राप्त होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी.
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