- अयोध्या के वकीलों ने फैसला लिया है कि वो चढ़ावा चोरी विवाद में आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे.
- फैजाबाद बार एसोसिएशन में आज हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया है.
- मालूम हो कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में अयोध्या के वकीलों ने एक बड़ा फैसला लिया है. अयोध्या के वकीलों ने फैसला लिया है कि वो चढ़ावा चोरी विवाद में आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे. फैजाबाद बार एसोसिएशन में आज हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया है. मालूम हो कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. ये सभी 8 आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त में हैं. जिनसे पूछताछ के साथ-साथ उनके घर और अन्य ठिकानों पर SIT लगातार दबिश दे रही है. इन आरोपियों के घर से भारी मात्रा में कैश भी मिला है.
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित वकीलों की बैठक में यह फैसला लिया गया कि फैजाबाद का कोई भी वकील राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस के आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा.
Ayodhya, Uttar Pradesh: A meeting of lawyers is underway under Faizabad Bar Association President Kalika Prasad, where a major decision may be taken regarding not representing the accused in cases pic.twitter.com/vpeVd5OHg6
— IANS (@ians_india) June 29, 2026
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के 8 आरोपी
- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादवः चंपत राय के करीबी, पूर्व ड्राइवर. राम मंदिर की व्यवस्था में अहम रोल था.
- अनुकल्प मिश्रा: दान में मिले कैश को गिनने के लिए जिम्मेदार इस कर्मचारी को पुलिस ने गबन का मुख्य मास्टरमाइंड बताया है
- लवकुश मिश्रा: ये मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा के सगे साले हैं
- रमाशंकर मिश्रा: ये भी दान की रकम को गिनने और उसका हिसाब रखने वाले स्टाफ में शामिल थे.
- करुणेश पांडे: ये आरोपी भी सीधे तौर पर राम मंदिर के दानपात्र से निकलने वाले पैसों और चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे.
- सुभाष श्रीवास्तव: ये केनरा बैंक के एक रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जो बैंकिंग सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े थे.
- मनीष यादव: ये आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के सगे भतीजे हैं, जिन्हें टिन्नू ने लगभग चार-पांच महीने पहले दानपात्र प्रबंधन के काम पर लगवाया था.
- अविनाश शुक्ला: अयोध्या के स्थानीय निवासी अविनाश शुक्ला राम मंदिर में चढ़ावे और दान के पैसों की गिनती करने वाली कोर टीम में शामिल थे.
चढ़ावा चोरी के आरोपियों की बदल गई लाइफस्टाइल
मालूम हो कि SIT की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि राम मंदिर दान चोरी के आरोपियों की लाइफस्टाइल अचानक से काफी बदल गई थी. कभी आर्थिक तंगी झेलने वाला परिवार अब लग्जरी घर, फार्महाउस और महंगी गाड़ियों का मालिक बन गया था. यही बदलाव अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया है.
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