असम के हैलाकांडी जिले के कॉलेज के उस एसोसिएट प्रोफेसर को एक स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी है. जिन्हें सरकारी नीतियों की आलोचना करते हुए अधिकारियों को कथित रूप से ईमेल भेजने और मुख्यमंत्री के खिलाफ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को दी. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के ईमेल के आधार पर उनके खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था और करीब 18 घंटे की पूछताछ के बाद शनिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.
अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपी ने जमानत के लिए अर्जी दायर की और शनिवार देर शाम जमानत प्रदान कर दी गई.'' अधिकारी ने कहा कि उन्होंने हैलाकांडी के पुलिस अधीक्षक सहित कई सरकारी अधिकारियों को ईमेल भेजे थे, ‘‘जो बेहद द्वेषपूर्ण और सांप्रदायिक प्रकृति के थे.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
उन्होंने कहा कि एसोसिएट प्रोफेसर पर विभाजनकारी माहौल बनाने के उद्देश्य से अन्य धार्मिक आस्थाओं का अपमान करने का प्रयास करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि उन पर सरकारी नीतियों की आलोचना करने के लिए अपने नाबालिग बेटे के नाम का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘ईमेल में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और शिक्षा मंत्री रनोज पेगू सहित असम सरकार के विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा और अत्यधिक आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने ईमेल में, शैक्षिक प्रणाली की आलोचना की और खुद द्वारा लिखी गई एक पुस्तक को बढ़ावा देने की कोशिश की, जो मुख्य रूप से इस्लामी आस्था पर आधारित है.''
वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि यह 'धार्मिक भावनाओं को आहत करने का जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादा था और विभाजनकारी माहौल बनाने के उद्देश्य से अन्य धार्मिक आस्थाओं का अपमान करने का प्रयास'' था.
अधिकारी ने कहा कि उन्होंने कथित तौर पर अपने बच्चे के नाम का इस्तेमाल किया, जो चौथी कक्षा में पढ़ता है और सरकारी स्कूलों के मूल्यांकन करने के लिए सरकारी कार्यक्रम ‘गुणोत्सव' के खिलाफ एक आपत्तिजनक अर्जी दी.
VIDEO: नक्सल प्रभावित राजनांदगांव में मध्य भारत का सबसे बड़ा कॉल सेंटर बन रहा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं