- असम सरकार के एक मंत्री की बेटी ने गुवाहाटी में हुए छात्र आंदोलन में हिस्सा लिया है.
- मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिशा महंता ने छात्र आंदोलन में हिस्सा लिया था.
- सोशल मीडिया पर उनके विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें वायरल हुई हैं.
असम सरकार में राजस्व मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिशा महंता ने गुवाहाटी में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों के आंदोलन में हिस्सा लिया है. उनकी प्रदर्शन में शामिल होने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. जिसके बाद चर्चा में है. बता दें कि असम की राजधानी गुवाहाटी के चचल में गुरुवार को छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था. जिसमें प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक के कथित मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. लेकिन इस आंदोलन में असम सरकार के मंत्री की बेटी के शामिल होने के बाद सियासी पारा गर्माता नजर आ रहा है.
गुवाहाटी में दिबिशा महंता ने लगाए नारें
गुवाहाटी में हाथों में तख्तियां थामे और छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नारे लगाते हुए दिबिशा महंता ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया. जिसका मुख्य उद्देश्य नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का विरोध करना और केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करना था. प्रदर्शन में दिबिशा महंता की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा, क्योंकि वह असम की एनडीए सरकार में एक वरिष्ठ मंत्री की बेटी हैं. जबकि यह विरोध प्रदर्शन एनडीए की केंद्र सरकार के केंद्रीय मंत्री के खिलाफ था. जिससे यह मामला फिलहाल चर्चा में बना हुआ है.
ये भी पढे़ंः जुलाई की उमस भरी गर्मी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, छात्रों ने इसका भी तोड़ निकाला- ग्राउंड रिपोर्ट
असम सरकार में मंत्री हैं केशव महंता
दिबिशा महंता के पिता केशव महंता असम सरकार में राजस्व मंत्री हैं. वह बीजेपी की सहयोगी असम गण परिषद के सीनियर नेता हैं. केशव महंता असम गण परिषद के राज्य अध्यक्ष अतुल बोरा के बाद के बाद दूसरे सबसे सीनियर नेता हैं. वह एजेपी और बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा है. केशव महंता अस में 2016 से बनी बीजेपी सरकार में लगातार मंत्री रहे हैं. वह नागांव जिले की कालियाबोर विधानसभा सीट से लगातार 2006 से 2026 तक विधानसभा चुनाव जीत रहे हैं.
सीएम हिमंता का भी आया बयान
वहीं छात्रों के प्रदर्शन को लेकर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का बयान भी आया है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार छात्रों के विरोध करने के अधिकार का सम्मान करती है. हमारे प्रधानमंत्री इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि असम बाढ़ के कारण एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है. हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, इसलिए मैं सभी से आग्रह करूंगा कि वे इस प्राकृतिक आपदा पर ध्यान दें.
ये भी पढ़ेंः सफदरजंग में किस हाल में थे सोनम वांगचुक? नॉर्थ कोरिया से क्यों की तुलना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं