- असम सरकार ने गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी डेवलपमेंट के लिए नई अथॉरिटी बनाने और बिल पेश करने का निर्णय लिया है
- गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी शहरी विस्तार और विकास योजनाबद्ध तरीके से करेगी
- असम सरकार ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन को लागू करने का प्रस्ताव मंजूर किया है
असम के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी और उसके आसपास के इलाकों को डेवलप करने को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा के आगामी बजट सत्र में गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी डेवलपमेंट बिल पेश किया जाएगा, और इस बात पर भी सहमति बनी कि कोई प्राइवेट कंपनी नहीं, बल्कि इस प्रोजेक्ट पर गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी ही काम करेगी, जिसके बनाने को लेकर भी मंजूरी दी गई है.
गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी गुवाहाटी और उसके आसपास सैटेलाइट शहरों की योजना बनाने, उनके लिए फ़ंडिंग करने और उन्हें विकसित करने के लिए काम करेगी.
उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने असम के लिए 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G एक्ट), 2025' के लागू करने के ढांचे को भी मंज़ूरी दे दी है और इसे 1 जुलाई, 2026 से लागू किया जाएगा.

हिमंता ने कहा, "इस एक्ट के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और इसके तहत डायरेक्ट वेज एम्प्लॉयमेंट (सीधे मज़दूरी वाला रोज़गार) के लिए 125 मैन-डेज़ (काम के दिन) दिए जाएंगे. साथ ही, रोज़गार देने के अलावा, इन मैन-डेज़ के ज़रिए एसेट्स (संपत्ति) बनाने पर भी ज़ोर दिया जाएगा."
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कैबिनेट ने असम में 18 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए नए आधार एनरोलमेंट पर रोक लगाने को भी मंज़ूरी दे दी है. हालांकि, दिव्यांग, SC, अनुसूचित जनजाति (ST) और चाय बागान समुदायों के लोगों को इससे छूट दी गई है. SC, ST और चाय बागान समुदायों के आवेदकों के लिए यह छूट 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी. ये रोक 18 साल से कम उम्र के लोगों पर लागू नहीं होगी."

साथ ही बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और ज़रूरत पड़ने पर इसे आपदा प्रबंधन फ़्रेमवर्क के तहत घोषित करेगी.
असम कैबिनेट के अहम फैसले -
- आने वाले बजट सत्र में असम टूरिज्म अमेंडमेंट बिल पेश किया जाएगा.
- सराय एक्ट को खत्म किया जाएगा, इसके मुख्य प्रावधान नए टूरिज्म एक्ट में शामिल किए जाएंगे.
- असम पुलिस में बड़े सुधारों को मंज़ूरी दी गई.
- पूरे असम में 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सर्विस शुरू की जाएगी.
- पुलिस, एम्बुलेंस, फायर और आपदा रिस्पॉन्स के लिए एक ही इमरजेंसी नंबर होगा.
- इमरजेंसी वाली जगहों पर मोबाइल पुलिस रिस्पॉन्स यूनिट्स को तुरंत भेजा जाएगा.
- कैबिनेट ने राज्य भर में लगभग 200 मोबाइल पुलिस स्टेशन गाड़ियां तैनात करने के लिए ₹100 करोड़ को मंज़ूरी दी.
- 112 सर्विस के लिए डेरगांव में एक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जाएगा.
- असम माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स में संशोधन किया गया.
- असम में रेत, पत्थर और दूसरे छोटे खनिजों के साथ आने वाले वाहनों को ट्रांज़िट फ़ीस देनी होगी.
- अमूल, विश्वनाथ चारियाली में दूध प्रोसेसिंग यूनिट लगाएगा.
- सरकार ने सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्रा पर रोक लगाने वाला पहले का खर्च में कटौती का नियम वापस ले लिया है.
- असम माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) एक्ट को मंज़ूरी मिल गई है.
- माइक्रो और छोटे उद्यम बिना पहले से मंज़ूरी लिए अपना काम शुरू कर सकते हैं, सिवाय प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के, जिन्हें अभी भी मंज़ूरी की ज़रूरत होगी.
पूरा बजट पेश करने के लिए असम विधानसभा का सत्र 6 जुलाई से बुलाया जाएगा. बजट सत्र के दौरान असम लैंड रेवेन्यू एक्ट के चैप्टर 12 में संशोधन भी पेश किए जाएंगे.
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