New Delhi: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह (Lalan Singh) से मुलाकात की. इस बैठक का मकसद असम को मछली और दूध के उत्पादन में देश का सबसे बड़ा केंद्र बनाना था. दोनों नेताओं ने इस दिशा में एक ठोस योजना पर काम करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया.
ब्लू रेवोल्यूशन
योजना के तहत, मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब नई तकनीक का इस्तेमाल करेगी. मछली के उत्पादन से लेकर उसे बाजार तक पहुंचाने और बाहर भेजने के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाया जाएगा, ताकि मछली पालकों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल सके और मछली खराब न हो.
आदरणीय @RajivRanjanLJP जी, आपका सहयोग और मार्गदर्शन हमारे लिए अत्यंत मूल्यवान है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में हम असम के मत्स्य एवं डेयरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेंगे। https://t.co/iVFwvDw4Qb
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 2, 2026
व्हाइट रेवोल्यूशन
डेयरी क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की तैयारी है. दूध का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए सहकारी समितियों को और ताकतवर बनाया जाएगा. दूध खराब न हो, इसके लिए पाउडर बनाने वाली मशीनें और आधुनिक पैकिंग प्लांट लगाए जाएंगे. साथ ही, दूध देने वाले पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए बेहतर तकनीक का इस्तेमाल होगा ताकि उत्पादन बढ़े.
गांव-गांव खुलेंगे औषधि केंद्र
पशुओं के इलाज के लिए सरकार अब गांव-गांव में पशु औषधि केंद्र भी खोलेगी, ताकि किसानों को अपने पशुओं के इलाज के लिए कहीं दूर न जाना पड़े. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगे, जिससे असम के किसानों और आम लोगों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे.
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उनके मुख्य सचिव, रेजिडेंट कमिश्नर और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. अब सभी की निगाहें इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया पर टिकी हैं.
ये भी पढ़ें:- बिना गारंटी मिलेगा एजुकेशन लोन, पैसा नहीं लौटा पाए तो सरकार भरेगी 75% रकम; जानें इस योजना के बारे में सबकुछ
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं