असम में बाढ़ ने तबाही मचा दी है. शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इन जिलों में रहने वाले लोगों के लिए असम बीजेपी ने 16 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत सामग्री भेजी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती हजारों प्रभावित परिवारों की ज़िंदगी को फिर से पटरी पर लाने में मदद करना है, क्योंकि क्षतिग्रस्त घरों और टूटी सड़कों की वजह से हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं. मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में अटल बिहारी वाजपेयी भवन से लगभग 16 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत सामग्री को रवाना करने के बाद ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे असम में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्य-व्यापी कलेक्शन ड्राइव के जरिए राहत सामग्री का योगदान दिया.
उन्होंने कहा, "आज असम बीजेपी और हमारे कार्यकर्ताओं ने शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए लगभग 1.8 लाख मेखेला चादर, 1.8 लाख टी-शर्ट और 1.5 लाख मच्छरदानी उपलब्ध कराई हैं. ये मदद जमीनी स्तर से आई है और मुझे उम्मीद है कि यह छोटी सी कोशिश आने वाले दिनों में लोगों की मदद करेगी. हमारा राहत कार्य जारी रहेगा." हालांकि, 21 जुलाई के बाद से बारिश कम हुई है और बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन इससे हुई तबाही अब भी गंभीर बनी हुई है.
उन्होंने कहा, "21 जुलाई के बाद से कोई खास बारिश नहीं हुई है, इसलिए बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है. लेकिन नुकसान बहुत ज़्यादा हुआ है. कई लोग अभी भी अपने घरों को नहीं लौट पा रहे हैं, क्योंकि उनके घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, और कई जगहों पर सड़कें बह गई हैं, जिससे वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है."
प्रभावित ज़िलों में डेरा डाले हुए हैं मंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्री बिमल बोरा, सुशांत बोरगोहेन और अजंता नियोग प्रभावित ज़िलों में डेरा डाले हुए हैं ताकि राहत सामग्री के वितरण की निगरानी कर सकें और ज़मीनी स्तर पर स्थिति का जायज़ा ले सकें. बाढ़ आने के बाद से ही राहत कार्यों में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवक, सरकारी एजेंसियां और कई संगठन भी शामिल रहे हैं.
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