- बजट में भारत में AI डेटा सेंटर्स बनाने वाली कंपनियों को 20 साल के टैक्स हॉलीडे की बड़ी घोषणा की गई है.
- सरकार का लक्ष्य है 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में वैश्विक लीडर बने, सेवा कारोबार में 10% हिस्सेदारी हासिल करे.
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर निवेश 200 बिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए आम बजट 2025 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए भी बड़े ऐलान किए हैं. बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि क्लाउड सर्विस दे रहीं विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलीडे मिलेगा. भारत में डेटा सेंटर बनाने वालों को छूट दी जाएगी, 6 महीने तक टैक्स में छूट मिलेगी. AI डेटा सेंटर्स बनाने वाली इंटरनेशनल कंपनियों के लिए 20 साल के टैक्स हॉलीडे एक बड़ी घोषणा है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में वैश्विक लीडर बने और दुनिया के कुल सेवा कारोबार में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचे. इसके लिए शिक्षा, स्किल और तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा. यह हाई-पावर कमेटी सेवा क्षेत्र में विकास, रोजगार और निर्यात की सबसे ज्यादा संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी. कमेटी बताएगी कि किन सेक्टर्स में ज्यादा नौकरियां बन सकती हैं और उन्हें कैसे बढ़ाया जाए.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने NDTV से कहा- भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को मिलने वाली कर छूट से निवेश को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि एआई डेटा सेंटर AI के क्षेत्र का प्रमुख पार्ट है. इसका चौथा लेयर- इंफ्रा को लेकर है. जिसे अच्छे से तैयार किया जाना जरूरी है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम सोचते हैं कि 70 बिलियन डॉलर का कमिटेंड इनवेस्टमेंट है. 90 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा हो चुकी है.
#NDTVExclusive | To what extent will the proposed 'tax holiday' aid in companies investing more?
— NDTV (@ndtv) February 1, 2026
Union Minister Ashwini Vaishnaw (@ashwinivaishnaw) speaks to NDTV's Editor-in-Chief @rahulkanwal on #UnionBudget2026 and shares his views#BudgetWithNDTV #Budget2026 pic.twitter.com/w38qtoAwXr
एआई क्षेत्र में निवेश बढ़ने के अश्विनी वैष्णव ने गिनाएं तीन कारण
एनडीटीवी से बातचीत में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हमें भरोसा है कि बजट की घोषणा के बाद इस क्षेत्र में निवेश 200 बिलियन के पार चला जाएगा. इसके पीछे तीन प्रमुख कारण है.
- पहला कारण यह है कि दुनिभा भर लोग जो एआई की दुनिया में काम रहे हैं, वो भारत के टैलेंट पाइप लाइन की ओर देख रहे हैं.
- दूसरा कारण भारत की स्टेबल पॉलिसी है.
- तीसरा प्रमुख कारण भारत की आईटी इंडस्ट्री एआई के लिए मुफीद है.
एक्सपर्ट बोले- एआई डेटा सेंटर के लिए टैक्स हॉलीडे बड़ी घोषणा
मालूम हो कि बजट में घोषणा की गई है कि यदि बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत में डेटा सेंटर्स स्थापित करती हैं, तो उन्हें 20 साल की टैक्स हॉलीडे दी जाएगी, जो अपने आप में एक बड़ी राहत और आकर्षक पहल है. इसके अलावा डेटा सेंटर्स को ग्रीन बनाने के लिए 40 प्रतिशत तक की ग्रांट देने का भी प्रावधान किया गया है. काइनेटिक कम्युनिकेशंस के डायरेक्टर दीपक शिकारपुर ने कहा कि आमतौर पर यह धारणा है कि डेटा सेंटर्स बहुत अधिक पानी और बिजली की खपत करते हैं, लेकिन यदि उन्हें हरित तकनीक की ओर प्रोत्साहित किया जाए, तो इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी और यह पृथ्वी के लिए भी फायदेमंद साबित होगा.
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