Chhattisgarh Vidhan Sabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र (Budget Session 2026) के दौरान जहां प्रश्नकाल में विपक्ष (Congress MLA) ने सरकार को घेरा, वहीं सत्ता पक्ष के विधायक (BJP MLA) भी सरकार (Chhattisgarh Government) से ही सवाल पूछते नज़र आए. बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर (Ajay Chandrakar) ने छत्तीसगढ़ में गोवंश संरक्षण (Cattle Conservation), कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination Policy) और दुग्ध उत्पादन (Milk Production) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर प्रश्न खड़े किए.

Chhattisgarh Vidhan Sabha Budget Session 2026: सदन में हंगामा
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने उठाए ये सवाल
अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में मादा गोवंश की संख्या 53 लाख बताई जाती है, लेकिन उनके गर्भाधान के लिए स्पष्ट नीति का अभाव है. उन्होंने यह भी पूछा कि पशु प्रजनन और टीकाकरण के लिए कौन-कौन से कार्यक्रम चल रहे हैं. इसके साथ ही 1585 संस्थानों के गैर सरकारी या सरकारी होने को लेकर भी उन्होंने जवाब मांगा. चंद्राकर का कहना था कि दुग्ध उत्पादन में प्रदेश आत्मनिर्भर नहीं है और ऐसे में गोवंशीय पशुओं के प्रबंधन की नीति की पारदर्शिता जरूरी है.
कृत्रिम गर्भाधान और नस्ल सुधार पर गंभीरता से काम : कृषि मंत्री
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में दुधारू पशुओं के गर्भाधान के लिए कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, उप केंद्र और उप ग्राम पशु चिकित्सालयों में पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में बछिया प्रजनन को बढ़ावा दिया जा रहा है और नस्ल सुधार कार्यक्रम के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान को गति दी जा रही है. मंत्री ने कहा कि 1 करोड़ 10 लाख 1228 में से 33 हजार गर्भाधान का लक्ष्य पूरा किया गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार लगातार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है और व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है.
चिराग योजना के बंद होने पर विपक्ष का हमला
अजय चंद्राकर ने चिराग योजना के समय से पहले बंद किए जाने को लेकर सरकार से तीखा सवाल पूछा. उन्होंने जानना चाहा कि आखिर योजना बंद क्यों हुई? और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इसी मुद्दे पर सरकार को घेरा. महंत ने पूछा कि क्या गांवों की बछियों का संरक्षण किया गया है और क्या उन्हें दुग्ध उत्पादन में शामिल करने के लिए कोई योजना बनाई गई है?वहीं, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने यह जानना चाहा कि योजना के पैसों का समर्पण कब किया गया?
पूर्व सरकार में प्रगति नहीं, नोटिस देकर बंद की योजना : मंत्री नेताम
कृषि मंत्री ने बताया कि चिराग योजना एक महत्वपूर्ण योजना थी, लेकिन पूर्व सरकार के कार्यकाल में इसमें अपेक्षित प्रगति नहीं हुई. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के आने के बाद योजना को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन वर्किंग प्रोग्रेस न होने के कारण अधिकारियों को नोटिस देकर योजना को बंद करना पड़ा. उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में जांच कराई जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. मंत्री नेताम ने जानकारी दी कि योजना के पैसों का समर्पण 18 दिसंबर 2025 को किया गया था.
पूर्व सीएम का आरोप; जब क्षमता थी, तो दो साल क्या किया?
भूपेश बघेल ने मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार खुद को सक्षम बता रही है, तो बीते दो वर्षों में योजना को बहाल या मजबूत करने के लिए उचित कदम क्यों नहीं उठाए गए. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है. इसके जवाब में कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि सरकार पदों की भर्तियां कर रही है और योजना की बेहतरी के लिए लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों के हितों को प्राथमिकता देती है और आगे भी इसी दिशा में ठोस कदम उठाएगी.
यह भी पढ़ें : CG Vidhan Sabha Budget Satra 2026: जंबूरी विवाद पर हंगामा, सड़कों पर भी उठे सवाल, कांग्रेस का वॉकआउट
यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ विधानसभा: 66 कैदियों की मौत पर हंगामा, भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, 150% जेलें ओवरलोड
यह भी पढ़ें : Ladli Behna Yojana: 13 मार्च को लाडली बहना की 34वीं किस्त; CM मोहन भितरवार से देंगे करोड़ों रुपये की सौगात
यह भी पढ़ें : Vidisha Woman Murder: शादी में आई महिला की गला घोंटकर हत्या, विदिशा के निर्माणाधीन नेशनल हाईवे पुल पर मिला शव
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं