- जयपुर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन हुआ था.
- अशोक गहलोत ने प्रदर्शन के दौरान अपने मोबाइल फोन से कार्यकर्ताओं की नारेबाजी का वीडियो रिकॉर्ड किया था.
- गहलोत ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर प्रदर्शन की बात को व्यापक स्तर पर पहुंचाया था.
राजनीति में चाहे समर्थन का मामला हो या विरोध का, कई बार कुछ तस्वीरें ऐसी रोचक होती हैं कि वह अलग ही छाप छोड़ जाती हैं. ऐसी तस्वीरें न सिर्फ उस माहौल को यादगार बना देती है, बल्कि उसे पूरे घटनाक्रम की अहमियत की भी अमिट छाप छोड़ जाती है. ऐसा ही कुछ सोमवार को जयपुर के विद्याधर नगर पुलिस थाने में दिखा, जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को थाने लाया गया. यहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद कैमरामैन बनकर नारेबाजी कर रहे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं के वीडियो रिकॉर्ड करते दिखे.
जब अशोक गहलोत बन गए कैमरामैन
यूं तो राजनीति में काम करने वाला नेता हो या कार्यकर्ता, वह अपने आप को कैमरे के सामने ही रखना पसंद करता है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ भी कुछ ऐसा ही है. कांग्रेस के सीनियर नेता के रूप में वे अक्सर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए या फिर विरोधी पार्टी पर बयानों के जरिए निशाना साधते हुए कैमरे के सामने दिख जाते हैं. लेकिन सोमवार को कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता का एक अलग ही पहलू नजर आया.
दरअसल, कांग्रेस ने देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था. शहीद स्मारक पर हुए प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें विद्याधर नगर थाने ले गए. इस दौरान पुलिस थाने पर भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की. विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वाटर कैनन का सामना करने के चलते पार्टी के अधिकांश नेता और कार्यकर्ता पानी से सराबोर हो चुके थे, लेकिन उनका जोश पुलिस थाने में भी ठंडा नहीं था. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में यहां भी नारेबाजी की.इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खड़े दिखे तो पीसीसी अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने शिष्टाचार दिखाते हुए तत्काल गहलोत के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी. गहलोत आगे आए तो सही लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने भी इस मौके को कुर्सी पर बैठने के बजाय वीडियो कैमरा चलाने के लिए ज्यादा मुनासिब समझा और अपना मोबाइल फोन खोल लिया. गहलोत ने अपने मोबाइल फोन का कैमरा खोलकर तत्काल उसे वीडियो मोड पर कर लिया.
गहलोत को वीडियो बनाते देख, कार्यकर्ताओं में उत्साह
आमतौर पर ऐसे मौके कम ही दिखते हैं जब कोई नेता अपने से जूनियर लीडर्स या पार्टी के कार्यकर्ताओं की तस्वीर लेता हो या उनके वीडियो बनाते हो, लेकिन पुलिस थाने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने में गहलोत ने कोई झिझक नहीं दिखाई. पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने मोबाइल से कार्यकर्ताओं की नारेबाजी को रिकॉर्ड किया तो पार्टी वर्कर्स भी इससे उत्साहित दिखे. गहलोत को वीडियो बनाते देख कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी और तेज़ कर दी और गोविंद डोटासरा के साथ टीकाराम जूली भी उनका साथ देते दिखे.
वीडियो बनाते ही सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
अशोक गहलोत ने यह वीडियो बनाया तो उसके साथ ही अपने आप को टेक्नो–सेवी और बदलते जमाने के साथ कदमताल करने वाला नेता साबित करते हुए सोशल मीडिया पर साझा भी कर दिया. गहलोत ने इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर साझा करते हुए लिखा कि, 'आज यह वीडियो मैंने अपने फोन से रिकॉर्ड किया, जब वोट चोरी और चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा की जा रही बेईमानी को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद पुलिस हिरासत में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा थाने में प्रदर्शन किया गया'.
हालांकि, इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुत ज्यादा टेक्नो–सेवी नहीं माने जाते रहे हैं. अलबत्ता पुराने गानों की शौकीन अशोक गहलोत खाली समय में अपने मोबाइल फोन पर गाने सुनने की बात खुद भी कई बार कह चुके हैं.
अपने मोबाइल वीडियो में. नहीं, लेकिन मीडिया के कैमरों में दिखे गहलोत
जब गहलोत पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं का वीडियो बना रहे थे, इस दौरान उन्होंने खुद को वीडियो में नहीं दिखाया. दरअसल पूर्व सीएम की कोशिश रही होगी, कि प्रदर्शन में शामिल पार्टी कार्यकर्ताओं और नारे लगा रहे नेताओं को ही जाए. इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि संभवतया वे चलते वीडियो में कैमरा फ्लिप नहीं कर पाए हों.
गहलोत खुद के मोबाइल से रिकॉर्ड वीडियो में तो अपने आप को नहीं दिखा सके, लेकिन वे मीडिया के कैमरों से नहीं बच सके.कांग्रेस के धरने और उसके बाद विद्याधर नगर पुलिस थाने पर एक्शन को कवर करने वाले कुछ मीडिया कैमरों में पूर्व सीएम अशोक गहलोत वीडियो बनाते दिखे. इन तस्वीरों में दिख रहा है कि किस तरह गहलोत के आते ही डोटासरा ने कुर्सी छोड़ी और फिर उन्होंने अपने मोबाइल से कांग्रेस के प्रदर्शन का वीडियो बनाया.
पीएम नरेंद्र मोदी भी पोस्ट कर चुके हैं खुद का रिकॉर्ड वीडियो
पिछले कुछ दिनों में नेताओं की सोशल मीडिया पर सक्रियता अलग-अलग रूप में दिखी है. हाल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर चुका है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले दिनों Gen–Z को संबोधित करते हुए अपना सेल्फ रिकॉर्डेड एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा रिकॉर्ड किए वीडियो की भी सोशल मीडिया पर चर्चा है.
शशि मोहन की रिपोर्ट
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