- चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश भर में विरोध देखने को मिल रहा है.
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के आगरा में ज्ञानेश कुमार के घर पर विरोध प्रदर्शन किया.
- प्रोटेस्ट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश के खिलाफ नारे लगाए और घर के गेट पर अपशब्द भी लिखा गया.
उत्तर प्रदेश के आगरा में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए और स्प्रे पेंट से घर के मुख्य गेट और दीवार पर नारे लिख दिए. प्रदर्शनकारियों में कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे. वे सुबह बड़ी तादाद में ज्ञानेश कुमार के घर पहुंचे और विजय नगर स्थित उनके आवास के बाहर नारे लगाने लगे. उन्होंने घर के बाहर स्टिकर और पर्चे भी चिपकाए. प्रदर्शनकारियों ने स्प्रे पेंट का इस्तेमाल करके घर के मुख्य गेट और दीवार पर अपशब्द लिखे. बाद में सोशल मीडिया पर इस विरोध प्रदर्शन और तोड़-फोड़ की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए.
केरल कैडर के 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रहे ज्ञानेश कुमार को 31 जनवरी 2024 को रिटायर होने के बाद 15 मार्च 2024 को चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया था. उन्होंने पिछले साल 19 फरवरी को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के तौर पर पदभार संभाला था.
सोमवार को हुआ विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते टकराव के माहौल में हुआ. यह टकराव चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर था.
देश के कई इलाकों में कांग्रेस का प्रोटेस्ट
कांग्रेस उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है. पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम किया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खास तौर पर CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है और उन पर असंवैधानिक कदम उठाने का आरोप लगाया है. राहुल ने इन कथित कामों को 'देशद्रोह' भी बताया है.
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पिछले हफ्ते 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट आने के बाद विरोध और तेज हो गया है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने 10 महीने के दौरान चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी और वोटर एनरोलमेंट फॉर्म में किए गए कुछ बदलावों को 'गैर-कानूनी' बताया था.
यह रिपोर्ट आने के बाद, समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और बीजेपी की आलोचना और तेज कर दी.
सीएम योगी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर राजनीतिक हितों के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें चुनाव आयोग और SIR की आलोचना करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने वोटर लिस्ट में संशोधन को लेकर विपक्षी दलों के हालिया बयानों को 'बेहद गैर-जिम्मेदाराना' बताया.
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