- अरुणाचल के सेला दर्रे में पर्यटकों की भीड़ उमड़ने से तवांग में जाम लग गया.
- नाजुक इकोसिस्टम बचाने के लिए तवांग में प्लास्टिक बोतल पर बैन लगाने का फैसला लिया गया है.
- तवांग के शानदार नजारे देखने केलिए हजारों टूरिस्ट पहुंच रहे हैं.
अरुणाचल प्रदेश का तवांग इलाका पर्यटकों की लगातार बढ़ती तादाद की वजह से देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक बन गया है. अरुणाचल प्रदेश के सेला दर्रे (Sela Pass) इलाके में 14 हजार फीट की ऊंचाई पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई. स्थानीय कैब राइडर्स के मुताबिक, तवांग जिले के मशहूर सेला दर्रे में पहली बार भारी ट्रैफिक जाम देखा गया, जो इस इलाके में आने वाले पर्यटकों की बढ़ती तादाद को दिखाता है.

इस बीच, हिमालय के नाजुक इकोसिस्टम को होने वाले खतरे और पर्यावरण के लगातार नुकसान को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते, तवांग जिले ने 500 मिलीलीटर से कम क्षमता वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर बैन लगा दिया है. इससे पहले इस महीने, पश्चिम कामेंग जिले ने भी 2 लीटर से कम क्षमता वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर रोक लगा दी थी.

तवांग की प्राकृतिक सुंदरता...
तवांग को अक्सर पूर्वी हिमालय में छिपी हुई जन्नत कहा जाता है. यहां की नेचुरल ब्यूटी टूरिस्टों को अट्रैक्ट करती है और लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ती है.
खूबसूरत पहाड़: तवांग शहर हिमालय की ऊंची चोटियों से घिरा हुआ है, जो साल के ज्यादातर समय बर्फ से ढकी रहती हैं. यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा बिल्कुल जादुई लगता है.

शांत झीलें: सेला पास और माधुरी झील जैसी ऊंचाई पर स्थित झीलें तवांग की सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं. इनके साफ पानी में आसमान और पहाड़ों का रिफ्लेक्शन दिखाई देता है, जो किसी सुंदर पोस्टकार्ड जैसा नजारा पेश करता है.
शांत वातावरण: भीड़-भाड़ से दूर, तवांग में एक शांत माहौल और पहाड़ों की ताजी हवा मिलती है, जो आराम करने, ध्यान लगाने और प्रकृति के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताने के लिए बेस्ट जगह है.
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