- सेना प्रमुख ने बताया कि पाकिस्तान में आठ आतंकी कैंप एक्टिव हैं, जिनमें करीब 150 आतंकी हो सकते हैं
- 6 आतंकी कैंप पाक इंटरनेशनल बॉर्डर के पास और दो लाइन ऑफ कंट्रोल के पास सक्रिय हैं, जिन पर सेना की नजर है
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाक के DGMO के बीच बातचीत हुई, जिससे फॉरवर्ड मूवमेंट कम और मोबिलाइजेशन बढ़ाया गया था
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी 8 आतंकी कैंप पाकिस्तान में एक्टिव है, ये खुलासा भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया . उन्होंने कहा कि 6 टेरर कैंप पाकिस्तान में इंटरनेशनल बॉर्डर के पास और 2 टेरर कैंप लाइन ऑफ कंट्रोल के पास एक्टिव हैं. उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बॉर्डर या एलओसी के पास से कोई भी हिमाकत की गई तो भारत उसका करारा जवाब देगा.
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पाकिस्तान टेरर कैंप में हो सकते हैं 100-150 आतंकी
आर्मी डे से पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान और पीओके में जो 8 आतंकी कैंप चल रहे हैं, उसमें 100 से 150 आतंकियों के होने की संभावना है. इन सभी कैंपों पर सेना नजर बनाए हुए है. लगातार संख्या का पता लगाने की कोशिशें की जा रही है, हम पूरी तरह अलर्ट हैं. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और सेना के आंख, कान हमेशा खुले रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच DGMO के बीच हुई बातचीत के बाद फॉरवर्ड मूवमेंट को कम किया था और मोबिलाइजेशन को बढ़ा दिया गया था.
#WATCH दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, "जहां तक ड्रोन का सवाल है... हमने जो ड्रोन देखे हैं, वे बहुत छोटे ड्रोन हैं। वे अपनी लाइट जलाकर आते हैं। वे बहुत ज़्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ते हैं, और उन्हें बहुत कम देखा गया है। 10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए थे,… pic.twitter.com/iwumsvuyK2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 13, 2026
सेना प्रमुख ने ये भी खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई नेताओं ने खुद को परमाणु शक्ति होने को लेकर भारत को धमकी दी थी. जिस पर उन्होंने कहा, जहां तक न्यूक्लियर बम (nuclear rhetoric) की धमकी का सवाल है तो भारत-पाक DGMO के बीच बातचीत में परमाणु हथियारों को लेकर कोई बात नहीं हुई थी. बल्कि ये राजनेताओं और स्थानीय नेताओं द्वारा उकसाने के लिए बोला जा रहा था.
ड्रोन पर सेना का फोकस
सेना प्रमुख ने बताया कि ड्रोन को लेकर जिस तरह की तैयारी हमने शुरू की है उसमें हम फिलहाल आत्मनिर्भरता पर फ़ोकस कर रहे हैं. हमें मिसाइल फ़ोर्स की जरूरत है. पाक ने भी रॉकेट फ़ोर्स तैयार किया है. चीन के पास भी है, यह समय की जरूरत है.
अब घुसपैठ की कोशिश नहीं चलेगी
घुसपैठ पर आर्मी चीफ ने कहा कि 26 जनवरी के आसपास पाकिस्तान ऐसी कोशिशें करता रहता है. वह ड्रोन के जरिये हमारी तैयारी जानने की कोशिश करते है. डीजीएमओ के बीच बातचीत में उनको बता दिया गया कि यह नहीं चलेगा. एलएसी पर दोनों पक्ष विश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रहे है. कई लेवल पर मीटिंग हो चुकी है. दोनों पक्ष एक दूसरे से लगातार बात चीत कर रहे है, ताकि कोई मामला आगे ना बढ़े. जहां तक तैनाती में कमी की बात है वह भी धीरे धीरे होगा.
बांग्लादेश के हालात पर नजर
आर्मी चीफ ने कहा कि बांग्लादेश में फिलहाल अंतरिम सरकार है. सेना ने सभी चैनल खुले रखे है . दोनों देशों की सेनाओं के बीच लगातार बात हो रही है, ताकि कोई कन्फ्यूजन नहीं रहे. बांग्लादेश अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ा रहा है. हम भी यही करते है.
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