- दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को हाईकोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया
- सोनम वांगचुक की सेहत कमजोर हो गई है और उन्हें डिहाइड्रेशन के लक्षण के कारण निगरानी में रखा गया है
- सोनम की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल पर मेडिकल रिपोर्ट न देने और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है
दिल्ली के जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस की ओर से अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर एक्टिविस्ट अन्ना हजारे ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल के दौरान अस्पताल ले जाए जाने के बाद किसी दुखद नतीजे का इंतज़ार न करे. हजारे ने कहा कि बातचीत शुरू करने में कोई नुकसान नहीं है और सरकार को उठाए जा रहे मुद्दों पर बातचीत करनी चाहिए.
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सुबह हाईकोर्ट के निर्देशों और रोजाना की जांच शेड्यूल के मुताबिक, डॉक्टर सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच के लिए पहुंचे थे. कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसमें रुकावट डाली, जिससे थोड़ी अफरा-तफरी मच गई. इसके बाद वांगचुक की नाजुक सेहत और डॉक्टरों की सलाह को ध्यान में रखते हुए उन्हें मेडिकल जांच और आगे के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया.
रिपोर्ट साझा नहीं कर रहा अस्पताल: पत्नी गीतांजलि आंग्मो
इधर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दावा किया है कि वांगचुक ‘पूरी तरह ठीक हैं', लेकिन सफदरजंग अस्पताल बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उनकी मेडिकल रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध नहीं करा रहा है. आंग्मो ने यह भी कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और वांगचुक भी उसमें हिस्सा लेंगे.
आंग्मो ने अस्पताल प्रशासन को लिखित रूप से कहा है कि उनकी अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई भी दवा या चिकित्सकीय उपचार न दिया जाए. उन्होंने अस्पताल में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देने की भी मांग की. वांगचुक को शनिवार सुबह भूख हड़ताल के 21वें दिन, जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लाया गया था.

उन्होंने अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और कहा कि परिवार के लोगों को मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे ऐसा लग रहा है कि वे ‘जेल' में हैं.
आंग्मो ने कहा कि डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर एक दिन पहले के 4.3 से घटकर 2.9 हो गया लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मेडिकल रिपोर्ट साझा करने से इनकार कर दिया है.
वहीं, वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉ. सतीश लांबा ने कहा कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल लाए जाने के बाद उन्हें उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई.
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के आधार पर शनिवार सुबह वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया.
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