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पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रहा अमूल AI 'सरलाबेन' ऐप, मवेशियों से जुड़ी हर जानकारी बस एक क्लिक में

ग्रामीण पशुपालकों के लिए यह ऐप डिजिटल डायरी की तरह काम कर रही है. अब उन्हें पशुओं की जानकारी के लिए किसी दफ्तर या डॉक्टर के पास बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ती.

पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रहा अमूल AI 'सरलाबेन' ऐप, मवेशियों से जुड़ी हर जानकारी बस एक क्लिक में
  • अमूल ने गुजरात के आनंद जिले के पशुपालकों के लिए ‘अमूल एआई-सरलाबेन’ नामक एक नई ऐप लॉन्च की है
  • यह ऐप पशुपालकों को उनके मवेशियों की जानकारी और देखभाल से जुड़ी हर समस्या का समाधान मोबाइल पर देता है
  • पशुपालक अब टीकाकरण, इलाज, दूध उत्पादन और पशु संख्या जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां डिजिटल डायरी की तरह रख सकते हैं
आनंद (गुजरात):

गुजरात के आनंद जिले से डेयरी सेक्टर में टेक्नोलॉजी के नए दौर की एक खास खबर सामने आई है. देश की सबसे बड़ी डेयरी संस्था अमूल ने पशुपालकों के लिए ‘अमूल एआई – सरलाबेन' नाम की एक नई ऐप लॉन्च की है, जो अब ग्रामीण पशुपालकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इस एआई ऐप के जरिए पशुपालकों को उनके मवेशियों से जुड़ी हर जानकारी और हर सवाल का जवाब अब मोबाइल पर ही मिल रहा है.

डिजिटल इंडिया के दौर में अब गांवों में भी टेक्नोलॉजी तेजी से पहुंच रही है. आनंद जिले के आंकलाव तालुका के मुंजकुवा गांव में पशुपालक अब पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि एआई टेक्नोलॉजी की मदद से अपने पशुधन की देखभाल कर रहे हैं. अमूल द्वारा लॉन्च की गई ‘अमूल एआई –सरलाबेन' ऐप पशुपालकों को उनके पशुओं से जुड़ी हर जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध करा रही है.

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किस गाय या भैंस को कब टीका लगा, कब इलाज हुआ, कितनी संख्या में पशु हैं, दूध उत्पादन कितना है? ऐसी सभी जरूरी जानकारी अब मोबाइल ऐप में सुरक्षित रहती है. साथ ही, पशुओं की बीमारी, चारे, दवाइयों और देखभाल से जुड़े हर सवाल का जवाब भी इस एआई ऐप के जरिए तुरंत मिल जाता है.

ग्रामीण पशुपालकों के लिए यह ऐप डिजिटल डायरी की तरह काम कर रही है. अब उन्हें पशुओं की जानकारी के लिए किसी दफ्तर या डॉक्टर के पास बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ती.

इस ऐप के जरिए पशुपालक अपने पशुओं का पूरा रिकॉर्ड रख सकते हैं और समय पर इलाज व टीकाकरण कर बेहतर उत्पादन भी हासिल कर सकते हैं. टेक्नोलॉजी के इस कदम से डेयरी सेक्टर में पारदर्शिता और उत्पादन दोनों बढ़ने की उम्मीद है.

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पशुपालक गणपत सिंह पधियार ने कहा, “पहले हमें पशुओं की जानकारी याद रखनी पड़ती थी या कागज पर लिखना पड़ता था. अब अमूल एआई ‘सरलाबेन' ऐप से सब कुछ मोबाइल में मिल जाता है. पशु बीमार हो तो क्या करना, कौन सी दवा देनी है, कब टीका लगाना है – हर जानकारी तुरंत मिलती है."

उन्होंने कहा कि हम जैसे पशुपालकों के लिए यह ऐप बहुत फायदेमंद और किसी आशीर्वाद से कम नहीं है.

(आनंद से मनन हिंगु की रिपोर्ट...)

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चंदन वत्स
Chief Sub Editor
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