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This Article is From Aug 29, 2024

आरजी कर घटना पर नाराजगी : बंगाल के थिएटर समूह ने राज्य सरकार से दान लेने से किया इनकार

बंगाल में कई सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजक राज्य सरकार से मिलने वाले वार्षिक दान को अस्वीकार करने के फैसले की घोषणा कर चुके हैं.

आरजी कर घटना पर नाराजगी : बंगाल के थिएटर समूह ने राज्य सरकार से दान लेने से किया इनकार
थिएटर समूह के प्रमुख सरदिंदु चक्रवर्ती ने टीएमसी सरकार से दान लेने से इनकार कर दिया.
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित एक थिएटर समूह 'मालदा सोमोबेटा प्रयास' ने जिले में एक "थिएटर मेला" आयोजित करने के लिए राज्य सरकार से मिलने वाला दान लेने से मना कर दिया है. राज्य में पहले से ही कई सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजकों ने पूजा के आयोजन के लिए राज्य सरकार से मिलने वाले वार्षिक दान को अस्वीकार करने के अपने फैसले की घोषणा की है. हालांकि सरकार ने इस साल यह राशि 70 हजार रुपये से बढ़ाकर 85 हजार रुपये प्रति समिति कर दी है.

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या को लेकर अब एक थिएटर समूह ने दान लेने से मना करने की घोषणा की है.

सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो बयान में मालदा स्थित उक्त थिएटर समूह के प्रमुख सरदिंदु चक्रवर्ती ने कहा कि उन्होंने 31 अगस्त और 1 सितंबर को जिले में दो दिवसीय "थिएटर मेला" आयोजित करने के लिए पश्चिम बंगाल नाट्य अकादमी (पश्चिम बंगाल थिएटर अकादमी) से दान मांगा था और इस दौरान राज्य सरकार की संस्था से 50,000 रुपये का दान चेक भी प्राप्त किया था.

उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, आरजी कर में जो कुछ भी हुआ वह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण है कि सच्चाई को दबाने और दोषियों को बचाने का खुला प्रयास किया जा रहा है. इसलिए हमने विरोध के तौर पर दान लेने से इनकार करने का फैसला किया है."

उन्होंने यह भी कहा कि उनके द्वारा पश्चिम बंगाल थिएटर अकादमी को पहले ही एक लिखित विज्ञप्ति भेजी जा चुकी है और इसके साथ ही दान चेक भी वापस कर दिया गया है. दो दिवसीय "थिएटर मेला" आयोजित करने के स्थान पर, समूह मालदा जिले के इंग्लिश बाजार शहर में एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन करेगा.

तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप और हत्या कर दी गई. चार दिन बाद मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी.

इस अमानवीय घटना को लेकर पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश के लोगों में रोष है. कई संगठन एवं राजनीतिक पार्टियां इसको लेकर प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य की तृणमूल सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रही हैं.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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