- अखिलेश यादव ने वाराणसी दौरे पर एमएलसी चुनाव में दोनों सीटें जीतने के बाद राजनीतिक और धार्मिक मुद्दे उठाए
- अखिलेश यादव ने बाबा बागेश्वर के विवादित बयान पर मध्य प्रदेश सरकार से उनके आश्रम को ध्वस्त करने की मांग की
- अखिलेश ने मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ की सजा भाजपा को मिली बताई
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को वाराणसी के दौरे पर गए. एमएलसी चुनाव में वाराणसी की दोनों सीटें जीतने से उत्साहित सपा अध्यक्ष में अपने बयानों से कई संदेश देने की कोशिश की. एक तरफ बाबा बागेश्वर के विवादित बयान को राजनैतिक मुद्दा बनाने की कोशिश तो, दूसरी तरफ चंदा चोरी और मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ जैसे धार्मिक मुद्दों को बड़ा करने की कोशिश की. अखिलेश यादव ने वोट चोरी पर बीजेपी को घेरने की कोशिश की तो, दूसरी तरफ उन्होंने पिछले चुनाव में सपा के सहयोगी रहे ओम प्रकाश राजभर पर भी निशाना साधा. काशी में ही उन्होंने खुलकर कह दिया कि वो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे.
प्रधानमंत्री के गढ़ में अखिलेश की हुंकार
वाराणसी पहुंचे अखिलेश यादव ने काशी के बहाने पूर्वांचल को साधने का प्रयास किया. उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री के गढ़ में दिए बयानों का असर सिर्फ काशी तक सीमित नहीं रहेगा. ऐसे में अखिलेश यादव ने धर्म की नगरी में धर्म के मुद्दे तो उठाए ही, काशी से उन्होंने वोट चोरी से लेकर किसानों की समस्याओं, काशी के विकास के लिए हो रहे तोड़फोड़, पीडीए के विषयों को भी उठाकर पूर्वांचल को संदेश देने की कोशिश की. सरकार बनने पर काशी में मेट्रो बनाने और वरुणा को साफ़ कर साबरमती नदी से बेहतर करने की भी बात कही.
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को भी घेरा
भगवान श्री कृष्ण पर बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री के विवादित बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिर से हमला बोला है. अखिलेश यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को धीरेंद्र शास्त्री के आश्रम पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त करा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री के सभी कार्यक्रम रद्द कर देना चाहिए. अखिलेश यादव ने कल भी बाबा बागेश्वर के बयान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी.
मणिकर्णिका घाट तोड़ने की सजा बीजेपी को मिली
वाराणसी पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव में वाराणसी की दोनों सीटें जीतने पर कहा कि बाबा विश्वनाथ ने उन्हें दोहरा आशीर्वाद दिया है और मणिकर्णिका घाट तोड़ने की सजा बीजेपी को मिली है. अखिलेश यादव ने कहा कि एमएलसी चुनाव में चंडीगढ़ वाला खेल खेलने की कोशिश की लेकिन सपा ने ऐसा होने नहीं दिया. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने 200 से ज़्यादा विधायकों के टिकट काटने जा रही है. दावा ये भी कि ज़्यादातर मंत्रियों के टिकट इस बार करेंगे और वाराणसी से आने वाले सभी मंत्रियों को टिकट से वंचित रहना पड़ेगा.
अराजकता का पदयात्रा
वोट चोरी के विपक्ष के आरोपों के जवाब में बीजेपी की पदयात्रा पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये अराजकता का पदयात्रा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी इलेक्शन कमीशन पर दबाव बना चुनाव जीतती रही है. सीएम योगी आदित्यनाथ के हिंदू वोट कटने को लेकर जाहिर की गई चिंता पर तंज करते हुए कहा कि हम तो योगी जी का रामलीला मैदान पर इंतजार कर रहे थे, वह भी आते. अखिलेश यादव ने यूपी के हर विधानसभा में बीजेपी के 31 हजार वोट कम होने का भी दावा किया.
अयोध्या राम मंदिर के चंदा चोरी का मुद्दा भी उठाया
धर्म की नगरी काशी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर के चंदा चोरी का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी करने वाले लोगों को सजा भगवान राम ही देंगे. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चम्पत राय पर अखिलेश यादव ने कहा कि चंपत राय को भले क्लीन चिट मिल गई हो लेकिन ऊपर वाला क्लीन चिट कब देगा? उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी हुआ और कर्मचारियों को जेल भेजना पड़ा. काशी में मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ और दाल मंडी के ध्वस्तीकरण पर भी सपा प्रमुख ने सवाल उठाए.
कहीं और से आता है ओपी राजभर का OTP
पिछले विधानसभा चुनाव के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी सपा के साथ गठबंधन में थी. इसका सीधा फायदा सपा को गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, मऊ और अंबेडकरनगर में मिला था. अब ओम प्रकाश राजभर बीजेपी के साथ हैं. ऐसे में उन्होंने ओम प्रकाश राजभर पर भी निशाना साधा. ओपी राजभर सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव पर जो हमला करते हैं, उस पर उन्होंने कहा कि ओपी राजभर का ओटीपी कहीं और से आता है. राजभर के सबसे बड़ा गुंडा होने वाले बयान पर कहा कि ये 50 सीटें पाने के लिए कहा जा रहा है.
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ये सारी बयानबाजी बताती है कि एमएलसी चुनाव में जीत से उत्साहित सपा पूर्वांचल में जिला फतह करने को लेकर अपने सभी हथियार इस्तेमाल करना चाहती है. इसमें पीडीए का जातीय समीकरण भी है, धर्म के मुद्दे भी हैं, किसान भी है और स्थानीय दिक्कतें भी हैं. अखिलेश यादव जानते हैं कि उनका मुक़ाबला बीजेपी के पोस्टर बॉय योगी आदित्यनाथ से है. ऐसे में मुकाबला आसान नहीं है. इसी वजह से अखिलेश यादव ने चुनाव से महीनों पहले से अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. हर गुज़रते दिन के साथ तैयारी तेज होती जा रही है. देखना होगा काशी का अखिलेश यादव का ये दौरा उनकी कितनी ज़मीन तैयार करा पाता है.
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