- मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया है और सभी पदों से हटा दिया गया है
- अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकाश आनंद को पार्टी में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया है
- सपा प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने आकाश आनंद को बहुजन समाज के मुद्दों पर काम करने वाला कुशल वक्ता बताया है
बसपा की नेता मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से ही मुक्त कर दिया है. पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया गया था और अब एक और सख्त फैसला लेते हुए पार्टी के सारे मामलों से बेदखल कर दिया है. इस तरह आकाश आनंद अब बसपा से बेदखल हैं. ऐसे में हर दल में आकाश आनंद पर डोरे डालने की होड़ है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी लगे हाथ आकाश आनंद को ऑफर दे डाला है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के एक सवाल पर अखिलेश यादव ने ऐसा ऑफर दिया. पत्रकार से अखिलेश यादव ने कहा कि यदि आप आकाश आनंद को लेकर आओगे तो हम ले लेंगे.
इससे पहले सपा के प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने भी उन्हें ऑफर दिया था. आशुतोष वर्मा का कहना था, 'एक ऐसे दल में चुनवा से ठीक तीन महीने पहले झगड़ा हो रहा है, जो बहुजन समाज के लिए समर्पित रहा है. आकाश आनंद को पार्टी ने तीन बार निकाला है और तीन बार एंट्री दी है. अब फिर से ऐसा हुआ है. वह एक अच्छे नेता हैं और कुशल वक्ता हैं. बहुजन समाज के मुद्दों पर बात करते हैं. समाजवादी पार्टी में ऐसे किसी भी व्यक्ति का स्वागत है, जो बहुजन समाज के मसलों पर बात करता है. वह हमेशा पिछड़े और दलित समाज के मुद्दों को उठाते रहे हैं.'
चुनाव की तारीख आते ही भाजपा को माननी पड़ेगी हार
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को चुनाव की तारीख आते ही हार माननी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि मैं पहली बार ऐसा देख रहा हूं कि एक मुख्यमंत्री को हजारों करोड़ रुपये अपने चेहरे पर खर्च करने पड़ रहे हैं. उन्होंने इस पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से संज्ञान लेने की गुजारिश की. अखिलेश यादव ने कहा कि इतना घटिया नकारात्मक प्रचार किसी सरकार ने नहीं किया जितना यह भाजपा सरकार कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर उनके कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जा रही है. बुलंदशहर के कार्यक्रम में बारिश का पानी इकट्ठा होने की बात कह कर अनुमति ना देने पर अखिलेश यादव ने कहा कि वहां कहीं पानी नहीं दिख रहा लेकिन प्रशासन ने पानी का हवाला देकर कार्यक्रम नहीं करने दिया. यही नहीं उनका कहना था कि यदि हम 80 लोकसभा सीटें जीत गए, तब भी ईवीएम पर भरोसा नहीं करेंगे.
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निषाद समाज पार्टी का भी ऑफर- मिलकर पूरा करेंगे कांशीराम का सपना
बता दें कि सपा के अलावा भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी से भी आकाश आनंद को ऑफर मिला है. संजय निषाद ने गुरुवार को फिर से ऐसा ही ऑफर दिया. उन्होंने कहा कि यदि मैं आकाश आनंद से कहूंगा कि वह आगे आएं. आंबेडकर और कांशीराम का सपना अभी अधूरा है. हम सभी लोग मिलकर काम करेंगे. जिन लोगों को 5 हजार सालों तक सताया गया था, उन्हें सत्ता मिले. आज भी 80 करोड़ लोगों को राशन दिया जा रहा है. उन लोगों को कैसे भी मुख्य धारा में लाया जाए.
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