Akhilesh Yadav Birthday: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आज जन्मदिन है और वो 53 साल के हो गए हैं. अखिलेश यादव को उनके जन्मदिन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बधाई दी है.पिता मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद से समाजवादी पार्टी की कमान उनके हाथों में है. वर्ष 2012 से 2017 तक यूपी के सीएम रहे. राज्य में सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड उनके नाम पर है. अखिलेश पर 10 साल वनवास के बाद पार्टी की सत्ता में वापसी का दारोमदार है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल होना है. सीएम योगी ने लिखा, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई.प्रभु श्री राम से आपके लिए आरोग्यता और दीर्घायु की प्रार्थना है. सीएम योगी ने भी 5 जून को अपना 55वां जन्मदिन मनाया है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 1, 2026
प्रभु श्री राम से आपके लिए आरोग्यता और दीर्घायु की प्रार्थना है।@yadavakhilesh
समाजवादी पार्टी जब 2012 में बसपा सुप्रीमो मायावती को हटाकर सत्ता में आई थी, तब मुलायम सिंह ने सबको चौंकाते हुए अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान किया था. अखिलेश के यूपी में तूफानी चुनाव प्रचार को तब सपा की वापसी की बड़ी वजह बताया गया था. सपा के नए चेहरे को जनता ने पसंद किया था. हालांकि परिवार में फूट, गुटबाजी के कारण सपा 2017 में सत्ता से बाहर हो गई. हिंदुत्व की लहर, पीएम मोदी और सीएम योगी की जोड़ी को जनता ने सिर माथे पर बिठाया.

Akhilesh Childhood Photo
अखिलेश को फुटबॉल-क्रिकेट का शौक
अखिलेश यादव को स्कूली टाइम से ही फुटबॉल, क्रिकेट खेलने का काफी शौक था. खेलने के दौरान उनकी नाक पर चोट लगी. अखिलेश का जन्म 1 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में उनके पैतृक गांव सैफई में हुआ था. पिता मुलायम यादव और मां मां मालती देवी की वो इकलौती संतान हैं. अखिलेश यादव ने प्रारंभिक पढ़ाई सैफई और इटावा से शुरू की. फिर राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल से पढ़े. कर्नाटक की मैसूर यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. अखिलेश ने वर्ष 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट जीतकर राजनीति में एंट्री की.
अखिलेश की टेढ़ी नाक
एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि उन्होंने अपनी नाक को सीधा क्यों नहीं कराया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब मेरी नाक की हड्डी टूटी, तब मेरी शादी हो चुकी थी. डिंपल ने पहले ही पसंद कर लिया था. मुझे ये जरूरत ही महसूस नहीं हुई कि नाक सीधी करानी चाहिए. डॉक्टरों ने कहा था कि नाक का एक छोटा ऑपरेशन होगा और इसे सीधा कर लिया जाएगा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.अखिलेश माराडोना, पेले जैसे फुटबॉलर को पसंद करते हैं. सियासी बयानों में भी वो फुटबॉल और क्रिकेट की बात करते रहते हैं.
अखिलेश का नाम टीपू कैसे पड़ा
अखिलेश यादव को घर में सब टीपू कहकर बुलाते थे.कहा जाता है कि सैफई के प्रधान मुलायम सिंह यादव के एक दोस्त ने मैसूर के टीपू सुल्तान के नाम पर उनका नाम टीपू रखा था. हालाकिं, बाद में जब वे बड़े हुए तो स्कूल में एडिमशन के समय उनका नाम अखिलेश रखा गया.

फुटबॉल और क्रिकेट के शौकीन
अखिलेश यादव को अपने स्कूल के दिनों से ही फुटबॉल और क्रिकेट खेलने का शौक था। कथित तौर पर एक बार फुटबॉल खेलते समय ही उनकी नाम पर चोट लग गई थी, जिसके निशान आज भी उनके नाक पर नजर आते हैं.

53 फीट का साइकिल वाला केक काटा
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर मुरादाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सांसद रुचि वीरा की मौजूदगी में 53 फीट लंबा साइकिल के चुनाव चिन्ह के आकार का केक काटा. कार्यकर्ताओं ने उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की तथा पोस्टर पर लगी अखिलेश यादव की तस्वीर को प्रतीकात्मक रूप से केक खिलाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.
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