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This Article is From Jul 01, 2025

900 फीट तक नीचे आ गया था विमान.... एयर इंडिया का एक और प्लेन क्रैश होने से बचा!

बोइंग 777 विमान VT-ALJ ने सुबह 2:56 बजे उड़ान भरी. उस वक्त दिल्ली में तेज तूफान और खराब मौसम था. टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद विमान करीब 900 फीट तक नीचे आ गया.

900 फीट तक नीचे आ गया था विमान.... एयर इंडिया का एक और प्लेन क्रैश होने से बचा!
  • एयर इंडिया की फ्लाइट AI 187 में टेक-ऑफ के बाद तकनीकी खराबी आई.
  • विमान 900 फीट नीचे आ गया लेकिन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गया.
  • पायलट को स्टॉल वॉर्निंग और GPWS अलर्ट्स मिलें.
  • बोइंग 777 विमान ने वियना में सुरक्षित लैंडिंग की.
नई दिल्‍ली:

एयर इंडिया के विमान के साथ कुछ ठीक नहीं चल रहा है. अभी लोग 12 जून को हुईं घटना को भूले नहीं थे कि एयर इंडिया का एक और विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से बचने का मामला सामने आ गया. जानकारी के अनुसार, दिल्ली से वियना जा रही फ्लाइट AI 187 में टेक ऑफ के बाद तकनीकी खराबी का मामला सामने आया है, जिसके बाद विमान करीब 900 फिट नीचे आ गया. हालांकि राहत की बात ये रही कि प्लेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गया. 

टेक ऑफ के बाद नीचे आने लगा प्लेन 

जानकरी के अनुसार, दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 14 जून को एयर इंडिया का बोइंग 777 विमान उड़ान भरने के बाद कुछ मिनटों बाद ही अचानक से खतरनाक तरीके से नीचे आने लगा. पायलट को ‘स्टॉल वॉर्निंग' और ‘ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वॉर्निंग सिस्टम' (GPWS) की ‘डोंट सिंक' वॉर्निंग कॉकपिट के अंदर मिलने लगी, जिसके बाद उसे तकनीकी खराबी का एहसास हुआ.

पायलट को हुआ खतरे का एहसास 

बताया जा रहा है कि बोइंग 777 विमान VT-ALJ ने सुबह 2:56 बजे उड़ान भरी. उस वक्त दिल्ली में तेज तूफान और खराब मौसम था. टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद विमान करीब 900 फीट तक नीचे आ गया. इसी दौरान ‘स्टिक शेकर' अलार्म भी एक्टिव हो गया– मतलब कॉकपिट का कंट्रोल कॉलम हिलने लगा और पायलट को तुरंत खतरे का एहसास दिलाया गया. पायलट्स ने स्थिति पर तुरंत कंट्रोल किया और विमान को सही ऊंचाई पर लाकर उड़ान जारी रखी. हालांकि, इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ और विमान ने 9 घंटे 8 मिनट की उड़ान के बाद वियना में सुरक्षित लैंडिंग की. वहां से कुछ देर बाद दूसरा क्रू आया और उसे फ्लाइट लेकर टोरंटो के लिए रवाना किया गया.

DGCA ने शुरु की जांच 

अहम बात ये है कि पायलट की तरफ से जो रिपोर्ट दी गई, उसमें सिर्फ यह लिखा गया कि ‘टेक-ऑफ के बाद टर्बुलेंस के कारण स्टिक शेकर एक्टिव हुआ'. बाकी चेतावनियों की कोई जानकारी नहीं दी गई. हालांकि DGCA ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) की जांच की, तब जाकर पता चला कि ‘GPWS डोंट सिंक' और ‘स्टॉल वॉर्निंग' जैसी गंभीर चेतावनियां भी आई थीं.

पायलट्स को ड्यूटी से हटाया गया 

इस मामले में एयर इंडिया के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा, "पायलट की रिपोर्ट मिलने के बाद, नियमों के अनुसार मामले की जानकारी डीजीसीए को दी गई. इसके बाद, विमान के रिकॉर्डर से डेटा प्राप्त होने के बाद, आगे की जांच शुरू की गई. जांच के नतीजे आने तक दोनों पायलट्स को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है."

गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में 275 लोगों की मृत्यु हो गई थीं, जिसके बाद से डीजीसीए (DGCA) ने विमान की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश जारी किया
 

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