भारतीय वायु सेना ने देश के उत्तरी क्षेत्र में चल रहे अभ्यास 'त्रिशूल' को कुछ दिनों के लिए रोक दिया है. 7-10 सितंबर तक लड़ाकू विमान उड़ान नहीं भरेंगे. इस दौरान दिल्ली में आयोजित जी 20 की बैठक की सुरक्षा को लेकर सरकार की तरफ से व्यापक प्रबंध किए गए हैं. हालांकि वायुसेना अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल त्रिशूल में शामिल विमानों के उड़ान संचालन को रोका जाएगा और अन्य नियमित उड़ानें जारी रह सकती हैं.
रक्षा सूत्रों ने कहा कि इस अवधि में, भारतीय वायु सेना जी-20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए देश भर के हवाई क्षेत्र पर नजर रखने के लिए अपने PHALCON AWACS विमान का संचालन शुरू करेगी. बताते चलें कि वायुसेना का यह अभ्यास 4 सितंबर से चल रहा है और 14 सितंबर को लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और पंजाब सहित उत्तरी क्षेत्र में समाप्त होगा.
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गौरतलब है कि G-20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) की हवाई सुरक्षा को लेकर भारतीय वायुसेना पूरी तरह तैयार है. किसी भी तरह के हवाई हमले को रोकने के लिये वायुसेना ने ऐसा अभेद्य किला तैयार किया है, जिसे भेद पाना किसी के लिये भी असंभव है. आसमान से होने वाली किसी भी साजिश से निपटने के लिये वायुसेना ने ऑपरेशन डायरेक्शन सेंटर (ओडीसी) बनाया है, जो दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बने ज्वाइंट कंट्रोल एंड एनालिसिस सेंटर के साथ संपर्क में रहेगा. किसी भी खतरे की स्थिति में ओडीसी यह तय करेगा कि कौन सा बेहतर तरीका या हथियार होगा जिसके जरिये उससे निपटा जा सके.
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