- बंगाल में भाजपा की पहली बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे माने जा रहे हैं
- अग्निमित्रा पॉल, जो फैशन डिजाइनिंग छोड़ राजनीति में आई हैं, भाजपा की आक्रामक महिला नेता के रूप में उभरी हैं
- पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने पार्टी को मजबूत करते हुए 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें दिलवाईं
पश्चिम बंगाल चुनाव में पहली बार धमाकेदार जीत के बाद अब राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. नेता विपक्ष और बंगाल में बीजेपी की हिंदुत्व को धार देने वाले सुवेंदु अधिकारी तो रेस में सबसे आगे हैं ही, लेकिन पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष, मौजूदा बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य का नाम भी उछला है. साथ ही महिला चेहरों में महाभारत की रूपा गांगुली और फैशन डिजाइनर का पेशा छोड़ राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल का नाम भी आ रहा है.
बंगाल की सियासत के दादा -सुवेंदु अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी बंगाल के प्रभावशाली कृषि और जमींदार समुदाय महिष्य (Mahishya) से ताल्लुक रखते हैं. पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में सुवेंदु अधिकारी के परिवार का जबरदस्त राजनीतिक दबदबा है. उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई भी राजनीति में बड़ा नाम हैं. वो लंबे समय तक ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सिपहसालारों में से एक थे और तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता थे. दिसंबर 2020 में वो सुवेंदु टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए.
अग्निमित्रा तेजतर्रार नेताओं में
अग्निमित्रा पॉल की छवि आक्रामक तेजतर्रार महिला नेताओं में होती है, जो ममता बनर्जी की तरह उनकी फायरब्रांड छवि को मजबूत करती है. अग्निमित्रा पॉल ने भी दिग्गज बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में शपथ ग्रहण किया. फैशन डिजाइनर से नेता बनीं अग्निमित्रा आसनसोल दक्षिण से नवनिर्वाचित विधायक हैं. अग्निमित्रा पॉल BJP की कद्दावर नेताओं में से उभरी हैं. वो आसनसोल दक्षिण (Asansol Dakshin) चुनाव क्षेत्र से विधायक हैं. उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी को 40,839 वोटों के भारी अंतर से हराया. उन्हें इसी साल जनवरी में पश्चिम बंगाल भाजपा की उपाध्यक्ष बनाया गया. इससे पहले अग्निमित्रा भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. विधानसभा चुनाव में उन्होंने 2021 के टीएमसी की सायोनी घोष को हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था.
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दिलीप घोष (Dilip Ghosh) संगठन के सूरमा
शुभेंदु अधिकारी के बाद दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली. इससे संकेत मिल रहा हैं कि उन्हें शुभेंदु सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. दिलीप घोष पश्चिम बंगाल भाजपा के जमीनी नेताओं में से एक हैं. घोष 2015 से 2021 तक बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे. घोष के नेतृत्व में पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतने के बाद और 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें हासिल कीं.उन्होंने इस चुनाव में खड़गपुर सदर सीट से चुनाव जीता.वो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं.उन्हें बंगाल में भाजपा के संगठन को मजबूत करने के साथ कैडर विस्तार करने का श्रेय दिया जाता है.
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अशोक कीर्तनिया.. राज्य में मतुआ समुदाय के बड़े नेता
अशोक कीर्तनिया बनगांव उत्तर से नवनिर्वाचित विधायक हैं, जिन्होंने आज शुभेंदु अधिकारी के साथ शपथ ग्रहण की है. वो लगातार दो बार से विधायक हैं और मतुआ समुदाय के कल्याण के लिए सक्रिय रहते आए हैं.
निसिथ प्रमाणिक... कूचबिहार से रहे हैं सांसद
शुभेंदु अधिकारी के साथ आज निसिथ प्रमाणिक ने भी शपथग्रहण की है. माथाभंगा सीट से विधायक निसिथ प्रमाणिक ने भी शपथ ग्रहण किया. टीएमसी से राजनीति की शुरुआत करने वाले निसिथ 2019 में बीजेपी में शामिल हुए थे और कूचबिहार से सांसद रह चुके हैं. निसिथ केंद्रीय राज्यमंत्री का पदभार भी संभाल चुके हैं.
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खुदीराम टुडू... सब्जी बेचकर किया प्रचार
पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी के एक उम्मीदवार सड़क पर बैठकर सब्जी बेचते नजर आए. प्रचार का ये अंदाज कुछ अलग था. इसका उन्हें फल भी मिला. रानीबांध सीट से पहली बार के विधायक खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली. पेश से शिक्षक खुदीराम बंगाल बीजेपी का आदिवासी चेहरा हैं.
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