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कौन हैं अग्निमित्रा पॉल? ममता बनर्जी जैसी फायरब्रांड नेता, बंगाल BJP में सीएम पद की दावेदारों में शामिल

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में कई चेहरे सामने आए हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अग्निमित्रा पॉल का नाम भी आगे आ रहा है.

कौन हैं अग्निमित्रा पॉल? ममता बनर्जी जैसी फायरब्रांड नेता, बंगाल BJP में सीएम पद की दावेदारों में शामिल
  • बंगाल में भाजपा की पहली बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे माने जा रहे हैं
  • अग्निमित्रा पॉल, जो फैशन डिजाइनिंग छोड़ राजनीति में आई हैं, भाजपा की आक्रामक महिला नेता के रूप में उभरी हैं
  • पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने पार्टी को मजबूत करते हुए 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें दिलवाईं
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नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल चुनाव में पहली बार धमाकेदार जीत के बाद अब राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. नेता विपक्ष और बंगाल में बीजेपी की हिंदुत्व को धार देने वाले सुवेंदु अधिकारी तो रेस में सबसे आगे हैं ही, लेकिन पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष, मौजूदा बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य का नाम भी उछला है. साथ ही महिला चेहरों में महाभारत की रूपा गांगुली और फैशन डिजाइनर का पेशा छोड़ राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल का नाम भी आ रहा है. 

अग्निमित्रा पॉल की छवि आक्रामक तेजतर्रार महिला नेताओं में होती है, जो ममता बनर्जी की तरह उनकी फायरब्रांड छवि को मजबूत करती है. अग्निमित्रा पॉल BJP की कद्दावर नेताओं में से उभरी हैं. वो आसनसोल दक्षिण (Asansol Dakshin) चुनाव क्षेत्र से विधायक हैं. उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी को 40,839 वोटों के भारी अंतर से हराया. उन्हें इसी साल जनवरी में पश्चिम बंगाल भाजपा की उपाध्यक्ष बनाया गया. इससे पहले अग्निमित्रा भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. विधानसभा चुनाव में उन्होंने 2021 के टीएमसी की सायोनी घोष को हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था.  

फैशन डिजाइनिंग में करियर

अग्निमित्रा पॉल राजनीति से पहले कोलकाता की मशहूर फैशन डिजाइनर और उद्यमी रही हैं. उनका Inga नाम से फैशन ब्रांड शुरू किया था. बॉलीवुड फिल्मों (कोई मेरे दिल से पूछे) और प्रसिद्ध हस्तियों जैसे श्रीदेवी, मिथुन चक्रवर्ती और ईशा देओल के लिए कपड़े डिजाइन किए हैं.  उन्होंने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के लिए भी कपड़े डिजाइन किए हैं.  

डॉक्टर की बेटी बाल रोग विशेषज्ञ

अग्निमित्रा के पिता डॉ. अशोक रॉय आसनसोल में एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं. उन्होंने बॉटनी में ग्रेजुएट के बाद बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड मैनेजमेंट साइंसेज से फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और टीडीबी कॉलेज से एमबीए की डिग्री प्राप्त की. अग्निमित्रा पॉल को बंगाल की राजनीति में एक लड़ाकू नेता के तौर पर देखा जाता है.

दिलीप घोष (Dilip Ghosh) संगठन के सूरमा

दिलीप घोष पश्चिम बंगाल भाजपा के जमीनी नेताओं में से एक हैं. घोष 2015 से 2021 तक बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे. घोष के नेतृत्व में पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतने के बाद और 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें हासिल कीं.उन्होंने इस चुनाव में खड़गपुर सदर सीट से चुनाव जीता.वो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं.उन्हें बंगाल में भाजपा के संगठन को मजबूत करने के साथ कैडर विस्तार करने का श्रेय दिया जाता है.

समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya)

समिक भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं. समिक भट्टाचार्य 1971 में RSS से जुड़े थे और 1980 के दशक में भाजपा में शामिल हुए. वो 2014 में बशीरहाट दक्षिण से उपचुनाव जीतकर बंगाल विधानसभा पहुंचने वाले भाजपा के दूसरे नेता थे. बंगाली भद्रलोक में समिक भट्टाचार्य को कुशल रणनीतिकार, मृदुभाषी और वैचारिक रूप से प्रखर वक्ता माना जाता है. बंगाल में पार्टी नेताओं में एकजुटता का श्रेय उन्होंने दिया जाता है. बीजेपी काडर में जीत का भरोसा पैदा करने में उनकी अहम भूमिका रही.

महाभारत की रूपा गांगुली (Roopa Ganguly)

रूपा गांगुली को महाभारत में द्रौपदी की भूमिका के लिए जाना जाता है. भाजपा की वरिष्ठ नेता रूपा गांगुली 2016 से 2022 तक राज्यसभा सांसद रहीं. रूपा ने 2026 विधानसभा चुनाव में दक्षिण 24 परगना जिले की सोनारपुर दक्षिण सीट से चुनाव जीता. वो पश्चिम बंगाल भाजपा की महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों खासकर आरजीकर मामले को पुरजोर तरीके से उठाया. 

बंगाल की सियासत के दादा -सुवेंदु अधिकारी 

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं. सुवेंदु अधिकारी बंगाल के प्रभावशाली कृषि और जमींदार समुदाय महिष्य (Mahishya) से ताल्लुक रखते हैं. पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में सुवेंदु अधिकारी के परिवार का जबरदस्त राजनीतिक दबदबा है. उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई भी राजनीति में बड़ा नाम हैं. वो लंबे समय तक ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सिपहसालारों में से एक थे और तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता थे. दिसंबर 2020 में वो सुवेंदु टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए.

ममता बनर्जी को दी मात

सुवेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 1956 वोटों से हराकर अपनी धाक जमाई. बीजेपी 2016 की तीन सीटों से 2021 में 77 सीटों पर पहुंच गई.उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया. इस बार उन्होंने ममता के गढ़ में जाकर भवानीपुर विधानसभा सीट से उन्हें पटखनी दी. उन्होंने 2026 के चुनावों में घुसपैठ, भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर टीएमसी के खिलाफ बेहद आक्रामक अभियान चलाया.
 

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