तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी सरकार जल्द ही विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाकर एक प्रस्ताव पारित करेगी तथा केंद्र सरकार से अपील करेगी कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र मौजूदा 25 साल से घटाकर 21 साल कर दी जाए. नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर आयोजित एक ‘कैंडल लाइट' रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि ‘जेन-जेड' के आंदोलन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से हटने के लिए मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा कि हम अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा और विधानपरिषद का विशेष सत्र बुलाएंगे. हम विधानसभा में चर्चा करेंगे तथा विधायक और सांसद का चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 साल करने का प्रस्ताव पारित करके प्रधानमंत्री को भेजेंगे. रेड्डी ने कहा कि देश की आबादी में ‘जेन-जेड' की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत है, लेकिन लोकसभा में उनका प्रतिनिधित्व एक प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने कहा कि अगर 21 साल से अधिक उम्र के युवा मंत्री बनते हैं तो देश का भविष्य बदल जाएगा. उन्होंने 21 साल के लोगों को विधायक और सांसद के तौर पर चुनाव लड़ने का मौका देने के लिए संविधान में संशोधन करने का सुझाव दिया.
रेवंत रेड्डी ने की नीट पेपर लीक को लेकर केंद्र की आलोचना
रेवंत रेड्डी ने पेपर लीक और इसके कारण अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना भी की. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल से राज्य समर्थित वित्तीय मुआवजे की मांग को मजबूती से संसद में उठाने की अपील की. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार अगस्त की शुरुआत में राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी ताकि एक ऐतिहासिक संवैधानिक सुधार की मांग करने वाला प्रस्ताव पारित किया जा सके. उन्होंने कहा कि यदि 21 साल का युवा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी बनने या महापौर और स्थानीय निकाय प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने के योग्य है तो उन्हें विधायक या सांसद के रूप में चुनाव लड़ने से क्यों रोका जाना चाहिए? भारत के युवाओं को सीधे विधायक और मंत्री के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए. ब्रिटेन, जर्मनी और सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय ढांचों का हवाला देते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि वे चुनाव लड़ने के लिए आयु को 25 से घटाकर 21 वर्ष करने पर आम सहमति बनाने के लिए नेताओं से संपर्क करेंगे.
भविष्य को आकार देने के लिए आवाज उठाने का आह्वान
अपने संबोधन के समापन में रेवंत रेड्डी ने युवाओं से न केवल सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने बल्कि सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने और संसद में अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को आकार देने के लिए शासन में युवा पीढ़ी को सशक्त बनाना आवश्यक है.समाजवादी पार्टी के प्रमुख और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक "नए युग का उदय होगा".विपक्ष के सभी दलों के नेताओं ने छात्र प्रदर्शनकारियों को बधाई दी और इस घटनाक्रम को लोकतंत्र, जवाबदेही और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ निरंतर जन प्रतिरोध की जीत बताया. एक्स पर एक पोस्ट में यादव ने इस्तीफे को "मनोबल और एकता की जीत" बताया और कहा कि छात्र आंदोलन ने व्यापक लोकतांत्रिक और संस्थागत सुधारों की नींव रखी है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं