विज्ञापन

ओबीसी को तवज्जो.. झारखंड में नए बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू की ताजपोशी का बड़ा संदेश

बीजेपी ने झारखंड में ओबीसी बिरादरी से अध्यक्ष बनाकर एक बड़ा संदेश दिया है. पार्टी ने राज्य में कई बदलाव किए लेकिन अब ओबीसी अध्यक्ष बनाकर उसने एकसाथ कई मैसेज दिए हैं.

ओबीसी को तवज्जो.. झारखंड में नए बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू की ताजपोशी का बड़ा संदेश
आदित्य साहू
  • बीजेपी ने झारखंड में आदित्य साहू को अध्यक्ष बनाकर बड़ा संदेश दिया है
  • बीजेपी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वो ओबीसी की राजनीति के साथ ही आगे बढ़ेगी
  • यूपी से लेकर बिहार तक में बीजेपी ने इस रणनीति को आजमाया है
नई दिल्ली:

राज्य सभा सांसद आदित्य साहू झारखंड बीजेपी के नए अध्यक्ष चुन लिए गए हैं. वे अभी तक प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष थे. प्रदेश अध्यक्ष के लिए मंगलवार को उनकी ओर से नामांकन दायर किया गया और आज उनके अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा कर दी गई. आदित्य साहू की ताजपोशी के जरिए बीजेपी ने कई बड़े राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है.

Latest and Breaking News on NDTV

ओबीसी की राजनीति के साथ बढ़ेगी बीजेपी 

एक बड़ा संदेश यह भी है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश और बिहार की ही तरह झारखंड में भी ओबीसी राजनीति को लेकर आगे बढ़ेगी. यूपी में पंकज चौधरी और बिहार में संजय सरावगी के बाद अब झारखंड में भी बीजेपी ने ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया है। राज्य में ओबीसी आबादी पचास प्रतिशत से भी अधिक आंकी गई है। बीजेपी के कई विधायक भी ओबीसी समुदाय से आते हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

झारखंड में जातीय संतुलन की कवायद 

बीजेपी ने राज्य की राजनीति में जातीय संतुलन बैठाने का प्रयास भी किया है. जहां पूर्व मुख्यमंत्री और प्रमुख आदिवासी चेहरा बाबूलाल मरांडी विधानसभा में नेता विपक्ष हैं वहीं आदित्य साहू के रूप में बीजेपी ने संगठन को ओबीसी चेहरा दिया है। इससे पहले भी बीजेपी ने यही प्रयोग किया था जब ओबीसी नेता रघुबर दास और आदिवासी नेता अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी थी. राज्य में आदिवासियों की संख्या करीब 25 प्रतिशत है ऐसे में बीजेपी ने आदिवासी और ओबीसी नेतृत्व को आगे किया है.

Latest and Breaking News on NDTV

जमीन से जुड़े कार्यकर्ता को टॉप पोस्ट 

संगठन की दृष्टि से भी आदित्य साहू को कमान मिलना एक बड़ा संदेश है. एक ऐसा राज्य जहां पार्टियों में दल-बदल आम बात है, बीजेपी ने एक ऐसे चेहरे को कमान सौंपी जो बीजेपी मूल का है. जमीन से जुड़ा हुआ है और एक सामान्य कार्यकर्ता से यहां तक पहुंचा है. आदित्य साहू ने पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता स्तर से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था. वे संगठन के विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग दायित्व संभाल चुके हैं जिनमें महासचिव से लेकर उपाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी शामिल है. उन्हें झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अनुभव भी है. वे पलामू और कोल्हण क्षेत्रों में काम कर चुके हैं. लिहाजा उनका पूरे राज्य के कार्यकर्ताओं के साथ जीवंत और आत्मीय संबंध है.
 

साहू की टीम में युवाओं को मिलेगा मौका 

अब नजरें होंगी आदित्य साहू की नई टीम पर. माना जा रहा है कि इसमें युवाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा ताकि आने वाले समय के लिए पार्टी को मजबूत किया जा सके. बीजेपी झारखंड़ में लगातार दूसरी बार चुनाव हारी है और ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Aditya Sahu, Bjp Jharkhand Chief, BJP News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com