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This Article is From Dec 23, 2021

मल्टी लेवल मार्केटिंग पोंजी स्कीम का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

आरोप है कि मनीष सिंह और उसके साथियों ने उन्हें हर महीने मोटा ब्याज देने के बहाने कई स्कीम में निवेश करने का झांसा दिया. कुछ समय बाद आरोपी ने न तो ब्याज का भुगतान किया और न ही निवेश की गई राशि वापस की.

मल्टी लेवल मार्केटिंग पोंजी स्कीम का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार
रोहिणी के रहने वाले मनीष सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है.
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने रोहिणी के रहने वाले मनीष सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. आर्थिक अपराध शाखा की जॉइंट कमिश्नर छाया शर्मा के मुताबिक प्रोमिला जैन नाम की महिला और दूसरों लोगों ने आरोप लगाया है कि मनीष सिंह और उसके साथियों ने उन्हें हर महीने मोटा ब्याज देने के बहाने कई स्कीम में निवेश करने का झांसा दिया. कुछ समय बाद आरोपी ने न तो ब्याज का भुगतान किया और न ही निवेश की गई राशि वापस की. पूछताछ के दौरान अन्य पीड़ितों से भी शिकायतें मिली हैं. जांच के दौरान पता चला कि कथित व्यक्तियों ने रोहिणी क्षेत्र की महिलाओं से बड़े पैमाने पर ठगी की है.

आरोपी मनीष सिंह ने अपना घर बदल लिया और फरार हो गया. कुल 39 निवेशकों से 2 करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की, जांच के दौरान और पीड़ितों के बयानों के आधार पर जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्ति मनीष सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ हर महीने ज्यादा रिटर्न के नाम पर महिलाओं से पैसे इकट्ठे किए. यह पैसे सोशल ट्रेड वेब वर्क, ईपीसी वॉलेट, ऑरेंज ग्रुप, संपर्क फूड बाजार और 'ओ' जैसी कंपनियों और स्कीम में लगवाए. इनमें से ज्यादातर कंपनियां अब बाजार से गायब हो चुकी हैं.

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पीड़ितों का पैम्फलेट, किट्टी पार्टियों और दूसरे कार्यक्रमों के माध्यमों से विश्वास जीता गया. आरोपी मनीष कुमार सिंह व उसके साथी रोहिणी क्षेत्र में चल रही कमेटी में शामिल थे. जांच से बचने के लिए आरोपी मनीष सिंह फरार हो गया. उसने अपने किराए के घर में ताला लगा रखा था और किसी और इलाके में रह रहा था. यह पता चला कि एक कूरियर आरोपी के बंद मकान में जाने वाला है, कूरियर कंपनी ने बताए गए पते के अलावा अन्य पते पर इसे देने से इनकार कर दिया.

इसलिए, आरोपी को अपने दिए गए पते पर जाने के लिए मजबूर किया गया था. कोरियर कंपनी की मदद से आरोपी मनीष सिंह को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया जब वह अपने बंद आवास पर डिलीवरी लेने आया था. अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. आरोपी मनीष कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के सीवान जिले का रहने वाला है. ग्रेजुएशन करने के बाद उसने दिल्ली आकर 3-4 साल तक सिविल सेवा की तैयारी की ,फिर उसने कोचिंग शुरू की लेकिन वो भी बन्द हो गई.

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कुछ समय बाद उन्होंने खुद को एक कंपनी "एमवे" से जोड़ते हुए मल्टी लेवल मार्केटिंग शुरू की और उसके बाद अपना नेटवर्किंग ग्रुप बनाना शुरू किया. उन्होंने एक एजेंट के रूप में हिमालय, लाइफ केयर, पीआरडी लिमिटेड आदि के उत्पादों को बेचने के लिए अन्य एमएलएम कंपनियों के साथ भी काम किया. वर्ष 2016 में, वह अन्य आरोपी व्यक्तियों के संपर्क में आया, जो मल्टी लेवल मार्केटिंग के क्षेत्र में भी थे और उन्होंने "वैभव फूड्स" और "एआईएनए प्राइवेट" जैसी अपनी एमएलएम योजनाएं शुरू कीं और आम जनता (ज्यादातर महिलाएं) को उच्च रिटर्न का वादा करने के लिए प्रेरित किया. वर्तमान में,वह बिट-कॉइन ट्रेडिंग के क्षेत्र में भी सक्रिय है क्योंकि लोगों का रुझान एमएलएम योजनाओं के विपरीत बिट-कॉइन में निवेश करने की ओर है.

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