- ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी के आदित्य और अमित ठाकरे ने बीएमसी चुनावों के लिए गठबंधन के विजन पेश किया
- बीएमसी चुनाव में गठबंधन विकास, पहचान और शहरी अधिकारों के एजेंडे को केंद्र में रखकर उतरने को तैयार है
- गठबंधन ने एक लाख किफायती घर, संपत्ति कर में छूट और 100 यूनिट मुफ्त बेस्ट बिजली देने जैसे वादे किए हैं
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की सरगर्मी के बीच शुक्रवार को ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी के दो नेता- आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे एकसाथ सामने आए और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के गठबंधन के 227 उम्मीदवारों को संबोधित किया.
शिवसेना भवन में हुई इस अहम बैठक में उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने न सिर्फ चुनावी रणनीति सामने रखी बल्कि डिटेल्ड विजन डॉक्यूमेंट और जनकेंद्रित एजेंडा भी पेश किया. उन्होंने साफ कर दिया कि बीएमसी चुनाव में गठबंधन विकास, पहचान और शहरी अधिकारों के एजेंडे के साथ मैदान में उतरेगा. उन्होंने साफ संकेत दिए कि ठाकरे परिवार अब बीएमसी चुनाव को ‘मुंबई मॉडल' बनाम ‘बाहरी नियंत्रण' की लड़ाई के रूप में लड़ने जा रहा है.
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मुंबईकरों के लिए अपने घर का वादा
बीएमसी के लिए ठाकरे भाइयों की रणनीति का सबसे अहम पहलू आवास है. एजेंडे में वादा किया गया है कि मुंबई महानगरपालिका का खुद का हाउसिंग प्राधिकरण बनेगा. मुंबईकरों को एक लाख किफायती घर दिए जाएंगे. 700 वर्गफुट तक के घरों पर संपत्ति कर माफ किया जाएगा. यह योजना सीधे मध्यम वर्ग, निम्न आय वर्ग और झुग्गी पुनर्विकास से जुड़े मतदाताओं को साधने की कोशिश मानी जा रही है.
5 मेडिकल कॉलेज, हेल्थ टू होम सेवा
गठबंधन ने स्वास्थ्य सुविधाओं के निजीकरण का स्पष्ट विरोध किया है. ठाकरे ब्रदर्स ने मुंबई में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने और
BMC के अस्पतालों का निजीकरण न किए जाने का भी वादा किया है. इसके अलावा महानगरपालिका की अपनी एंबुलेंस सेवा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘हेल्थ टू होम' सेवा और BMC का कैंसर अस्पताल शुरू करने का भी भरोसा दिलाया है.
शिक्षा के मोर्चे पर मराठी अस्मिता और स्थानीय पहचान को मजबूत करने की रणनीति बनाई गई है और इसी के तहत सभी BMC स्कूलों में ‘बोलतो मराठी' अभियान शुरू करने का वादा किया गया है.
महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये का वादा
ठाकरे ब्रदर्स ने सामाजिक वर्गों को सीधे जोड़ने का भी एजेंडा तैयार किया है. उन्होंने घरेलू कामगार महिलाओं का पंजीकरण करवाने, हर महीने 1500 रुपये की सहायता देने और गिग वर्कर्स को 25 हजार रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध कराने का वादा किया है. ‘मां साहेब किचन' के जरिए 10 रुपये में नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराने का भी जिक्र है. इसके अलावा बालासाहेब ठाकरे स्वरोजगार योजना के तहत 1 लाख युवाओं को 25 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक सहायता देने का भी आश्वासन दिया गया है. पार्टी की यह रणनीति शहरी गरीब, असंगठित क्षेत्र और युवा मतदाताओं पर केंद्रित है.
चैटबॉट से काम होगा आसान, घटाएंगे प्रदूषण
तकनीक, पर्यावरण और प्रशासनिक सुधार के मोर्चे पर भी ठाकरे भाइयों ने अपना विजन सामने रखा है. इसके तहत चैटबॉट के जरिए प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने का वादा किया गया है. इससे वार्ड ऑफिस जाने की जरूरत नहीं रहेगी. मुंबई में प्रदूषण कम करने के लिए कठोर एक्शन प्लान लागू करना और मुंबईकरों को ‘मोकळा श्वास' देने का दावा भी किया गया है.
गठबंधन ने महानगरपालिका की ओर से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर सबसे बड़ा सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने की भी घोषणा की है. इसे पार्टी की तरफ से सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
क्या कहते हैं विश्लेषक?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ठाकरे ब्रदर्स की रणनीति साफ है- मराठी अस्मिता + शहरी सुविधाएं + सामाजिक सुरक्षा = BMC की सत्ता की चाबी. क्या यह विस्तृत और आक्रामक एजेंडा मुंबईकरों के बीच उतनी ही मजबूती से भरोसा जगा पाएगा, जितनी जोरदार तैयारी ठाकरे खेमे ने इस वक्त दिखाई है, ये तो समय ही बताएगा.
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