कांगपोकपी जिले में बीते 13 मई को हुई हिंसक घटना के बाद मणिपुर में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. आर्थिक नाकाबंदी और यातायात बंद होने से NH-2 पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बताया जा रहा है कि यहां NH-2 पर 2,000 से अधिक ट्रक फंसे हुए हैं, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, और यहां फंसे ड्राइवरों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं. भोजन और पीने के पानी की कमी के चलते ट्रक ड्राइवर स्थानीय निवासियों, परिवहन संघों और राजमार्ग पर तैनात असम राइफल्स के जवानों से मदद मांग रहे हैं.
इस बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए लोगों से शांति की अपील की है. राज्य सरकार ने हिंसा में मारे गए तीन चर्च नेताओं के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की है.
बता दें, इस महीने की शुरुआत में कोटलेन और कोट्ज़िम के बीच ज़ीरो पॉइंट पर हुई हिंसा के बाद कुकी और नागा संगठनों द्वारा लापता व्यक्तियों और कथित बंधकों को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद तनाव बढ़ा है. इस दौरान 13 मई की घटना में तीन चर्च नेताओं की मौत हो गई और पहाड़ी जिलों में नए सिरे से तनाव पैदा हो गया.
2 पादरियों सहित 6 नागा नागरिक अभी भी बंधक
मणिपुर गृह विभाग के अनुसार, झड़पों के बाद शुरू में 38 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी. अधिकारियों ने बाद में बताया कि उनमें से 32 लोग सुरक्षित लौट आए हैं. हालांकि, यूनाइटेड नागा काउंसिल ने आरोप लगाया है कि 2 पादरियों सहित 6 नागा नागरिक अभी भी बंधक हैं. वहीं, कुकी इनपी मणिपुर ने दावा किया है कि कुकी समुदाय के 14 सदस्य अभी भी लापता हैं. दोनों समुदायों ने एक-दूसरे पर नागरिकों के अपहरण का आरोप लगाया है, जिससे पहाड़ी जिलों में अविश्वास और अशांति और भी बढ़ गई है.
नाकाबंदी को 48 घंटे और बढ़ा
यूनाइटेड नागा काउंसिल ने आर्थिक नाकाबंदी जारी रखी है, जबकि कुकी इनपी मणिपुर ने अपनी नाकाबंदी को 48 घंटे और बढ़ा दिया है. किम ने कहा है कि लापता लोगों के बचाव तक आंदोलन जारी रहेगा.
बढ़ते तनाव के बीच, पूर्वोत्तर भारत में बैपटिस्ट चर्चों की परिषद और मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के चर्च नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने संकट को कम करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने के लिए सोमवार को इम्फाल में मुख्यमंत्री से मुलाकात की. बैठक में उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो भी मौजूद थीं.
प्रतिनिधिमंडल कर रही है बातचीत
चर्च नेताओं ने शांति मध्यस्थ के रूप में कार्य करने की पेशकश की और दोनों पक्षों द्वारा कथित तौर पर बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए मानवीय हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा. प्रतिनिधिमंडल अब दो टीमों में विभाजित हो गया है. एक टीम कुकी चर्च नेताओं और तीन मृत पादरियों के परिवारों से मिलने के लिए कांगपोकपी जिले जा रही है. दूसरी टीम नागा चर्च नेताओं और नागरिक समाज प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए सेनापति जिले जा रही है.
इसी बीच, थाडौ छात्र संघ के मुख्यालय ने पुलिस की कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि 13 मई के हमले का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया जाए. हालांकि, छात्र संगठन ने हिंसा के दौरान हस्तक्षेप करने के लिए असम राइफल्स की सराहना की.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं