'सरकार अब लाठी मारने पर उतर आई है': करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर बोले योगेंद्र यादव

हरियाणा के करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर योगेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार अब लाठी मारने पर उतर आई है.

नई दिल्ली:

हरियाणा (Haryana) के करनाल (Karnal) में बीते शनिवार को किसानों पर हुए लाठीचार्ज का मामला ठंडा पड़ता नहीं दिखाई दे रहा. किसान आंदोलन (Farmers Protest) में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे किसान नेता योगेंद्र यादव ने एनडीटीवी से बातचीत में करनाल में हुई घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि करनाल में जो घटना हुई उसे देखकर किसी को भी स्तब्ध हो जाना चाहिए. एसडीएम ने कहा सिर फोड़ो.. एसडीएम को इस तरह से कहने का कोई अधिकार नहीं था. 

उम्‍मीद से कहीं अधिक मुश्किल साबित हो सकती है कोविड-19 के खिलाफ जंग, यह है कारण...

घटना पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम कहते हैं भाषा गलत थी, इसका क्या मतलब है? चुपचाप फिर एसडीएम का ट्रांसफर कर दिया. किसानों पर केस कर दिए, सरकार अब लाठी मारने पर उतर आई है. किसानों ने बहुत देख लिया ये भी देख लेंगे. उन्होंने कहा कि शांति हमारे आंदोलन की ताकत है, वरना हमारे आंदोलन को नुकसान होगा. सरकार चाहती है इनके सब्र का बांध टूट जाए.

केंद्र के तीन कृषि कानूनों पर योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार किसानों से बात क्यों नहीं कर रही. देश के जिले-जिले में संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया जाएगा. 25 को अनूठा भारत बंद किया जाएगा, 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में भी जुटेंगे. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हम इसका प्रयोग कर चुके हैं. असली रोड़ा है पीएम का अहंकार.


मोटर वाहन कानून के दो साल में 8 करोड़ ट्रैफिक चालान, लेकिन सड़क पर सुविधाओं के लिए जूझ रहे यात्री

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


योगेंद्र यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बंगाल के अंदर हमने छोटा सा इंजेक्शन दिया था. किसान विरोधी बीजेपी को हराना है. उत्तर प्रदेश में अगर जनमत बदलेगा तो बड़ा इंजेक्शन होगा. 5 सितंबर से हम मिशन उत्तर प्रदेश कर रहे हैं. हरियाणा में टोल प्लाज़ा खोल दिए हैं. पूरे यूपी में ऐसे ही खोले जाएं जनता के लिए. बीजेपी के नोताओं का सामाजिक बहिष्कार हो. अंबानी अडाणी प्रोडक्ट का विरोध हो. उन्होंने कहा कि हमें चिड़िया की आंख दिख रही है. हम हिंसा की कॉल नहीं दे रहे हैं, हम हिंसा का विरोध करते हैं. यूपी सरकार का रवैया शांतिपूर्ण चीज़ों को भी तबाह करना है.