कौन हैं दिशा रवि? टूलकिट केस में गिरफ्तारी पर क्यों हो रहा विरोध? दिल्ली पुलिस के रडार पर अगला कौन?

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने भी दिशा की गिरफ्तारी की आलोचना की है और कहा है कि माउंट कार्मेल कॉलेज की छात्रा और जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि राष्ट्र के लिए खतरा बन गई है, तो इसका मतलब है कि भारतीय राज्य बहुत ही कमजोर नींव पर खड़ा है.

कौन हैं दिशा रवि? टूलकिट केस में गिरफ्तारी पर क्यों हो रहा विरोध? दिल्ली पुलिस के रडार पर अगला कौन?

22 साल की दिशा रवि बेंगलुरु की रहने वाली एक जलवायु कार्यकर्ता हैं.

नई दिल्ली:

बेंगलुरु की पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि (Disha Ravi) को 14 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने पांच दिनों की दिल्ली पुलिस (Delhi Police) रिमांड में भेज दिया है. दिल्ली पुलिस ने उन्हें टूलकिट केस में गिरफ्तार किया था. दिशा पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया है. उसकी गिरफ्तारी का अब देशभर में विरोध हो रहा है. सोशल मीडिया पर लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने भी दिशा की गिरफ्तारी की आलोचना की है और कहा है कि माउंट कार्मेल कॉलेज की छात्रा और जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि राष्ट्र के लिए खतरा बन गई है, तो इसका मतलब है कि भारत बहुत ही कमजोर नींव पर खड़ा है.

कौन हैं दिशा रवि?
22 साल की दिशा रवि बेंगलुरु की रहने वाली एक जलवायु कार्यकर्ता हैं. उन्होंने बेंगलुरु के एक प्राइवेट कॉलेज माउंट कार्मेल कॉलेज से बीबीए की डिग्री ली है और पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था 'फ्राइडेज फॉर फ्यूचर' के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. दिशा गुड वेगन मिल्क नाम की एक संस्था में भी काम करती हैं. इस संस्था का उद्देश्य प्लांट बेस्ड फूड (वेजिटेरियन) को सस्ता और सुलभ बनाना है. ये संस्था खेतीबारी में पशुओं के इस्तेमाल को खत्म कर उन्हें भी जीने का अधिकार देने पर भी काम करती है.

दिशा रवि की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर अभूतपूर्व हमला, किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं : अरविंद केजरीवाल

दिशा रवि पर दिल्ली पुलिस ने किसानों के समर्थन में बनाई गई एक विवादित 'टूलकिट' को सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप लगाया है. पुलिस का आरोप है कि दिशा ने टूलकिट शेयर कर भारत के खिलाफ सामाजिक और आर्थिक रूप से वैमनस्य फैलाने के लिए खालिस्तान समर्थक संगठन 'Poetic Justice Foundation' के साथ सांठगांठ की है.

ग्रेटा थनबर्ग से कनेक्शन?
दिशा ने किसान आंदोलन से जुड़े जो टूलकिट एडिट और सोशल मीडिया पर शेयर किया है, उसे सबसे पहले स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर शेयर किया था. हालांकि बाद में ग्रेटा ने उसे डिलीट कर दिया था. इसके बाद अगले दिन यानी 4 फरवरी को ग्रेटा ने अपडेटेड टूलकिट सोशल मीडिया पर शेयर किया था और कहा था कि ये अपडेटेट टूलकिट है, जिसे भारत में जमीन पर काम कर रहे लोगों ने अपडेट किया है. आरोप है कि दिशा ने उसी टूलकिट को एडिट कर अपपडेट किया था.

क्या होता है टूलकिट? किसान आंदोलन में ग्रेटा थनबर्ग से लेकर दिशा रवि तक क्यों आईं लपेटे में?


दिल्ली पुलिस के रडार पर और कौन-कौन?
दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि दिशा रवि उस टूलकिट की एडिटर हैं और उस दस्तावेज़ को तैयार करने से लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा करने वाली मुख्य साज़िशकर्ता हैं. आरोप है कि दिशा ने एक व्हाटसएप ग्रुप भी बनाया हुआ था जिसमें निकिता जैकब भी जुड़ी थीं. निकिता भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं. वह एक वकील भी हैं. दिल्ली पुलिस उन्हें भी तलाश रही है. दिशा से जुड़ा एक और नाम है शांतनु, जो दिल्ली पुलिस के रडार पर है.

वीडियो- देशद्रोह के आरोप में दिशा रवि की गिरफ्तारी, पुलिस ने किया ये दावा

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com