
नई दिल्ली:
कमज़ोर मॉनसून की वजह से देश की कई बड़ी नदियां और कई बड़े डैम पानी के भयानक संकट से गुजर रहे हैं। हालत यह है कि कई बड़े जलाशयों में पानी औसत के आधे से भी कम हो चुका है। एनडीटीवी से खास बातचीत में सेन्ट्रल वॉटर कमिशन चेयरमैन आरसी झा ने कहा कि बड़े जलाशयों में इस बार 16 प्रतिशत पानी बचा है। केंद्रीय जल आयोग के सबसे बड़े अफ़सर का यह बयान ख़तरे की घंटी है।
देश के कई बड़े जलाशयों में पानी बिल्कुल चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। अब सेंट्रल वाटर कमीशन के चेयरमैन आरसी झा ने सलाह दी है कि सभी राज्य पानी की क़ीमत समझें बचा−बचा कर खर्च करें।
सेन्ट्रल वॉटर कमीशन देश के सबसे बड़े 84 जलाशयों पर निगरानी रखता है। उसकी ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि इस साल इन जलाशयों में बीते साल के मुकाबले सिर्फ 62 फीसदी पानी बचा है। पानी की सबसे ज़्यादा कमी कर्नाटक में दिखी है।
जलाशयों और नदियों में पानी के घटते स्तर को लेकर सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। अगर अगले दो हफ्ते में अनुमान के मुताबिक बारिश नहीं हुई तब सरकार को देश के कई हिस्सो में सूखे से निपटने की तैयार करनी पड़ सकती है।
देश के कई बड़े जलाशयों में पानी बिल्कुल चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। अब सेंट्रल वाटर कमीशन के चेयरमैन आरसी झा ने सलाह दी है कि सभी राज्य पानी की क़ीमत समझें बचा−बचा कर खर्च करें।
सेन्ट्रल वॉटर कमीशन देश के सबसे बड़े 84 जलाशयों पर निगरानी रखता है। उसकी ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि इस साल इन जलाशयों में बीते साल के मुकाबले सिर्फ 62 फीसदी पानी बचा है। पानी की सबसे ज़्यादा कमी कर्नाटक में दिखी है।
जलाशयों और नदियों में पानी के घटते स्तर को लेकर सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। अगर अगले दो हफ्ते में अनुमान के मुताबिक बारिश नहीं हुई तब सरकार को देश के कई हिस्सो में सूखे से निपटने की तैयार करनी पड़ सकती है।
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